Gonda Colonelganj News: अधिवक्ताओं की लगातार चल रही दस दिनों से हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन खामोश,रजिस्ट्री बन्द होने से प्रतिदिन लाखों का चूना

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा  

करनैलगंज(गोंडा) लगातार दस दिनों से बंद चल रहे करनैलगंज तहसील के उप निबंधक कार्यालय एवं अधिवक्ताओं की हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन खामोश बैठा है। वहीं रजिस्ट्री कार्यालय बन्द होने से सरकार को प्रतिदिन लाखों का चूना लग रहा है।

शनिवार को करनैलगंज तहसील के अधिवक्ताओं एवं तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने करनैलगंज तहसील के एसडीएम एवं तहसीलदार के विरुद्ध चल रहे आंदोलन को लेकर अनशन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं की लगातार चल रही हड़ताल के मद्देनजर पिछले 10 दिनों से तहसील में संपूर्ण तालाबंदी चल रही है।

इसके अलावा रजिस्ट्री दफ्तर पिछले हफ्ते के गुरुवार से लगातार बंद चल रहा है। जिससे रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को तहसील में आकर वापस जाना पड़ता है। अहम बात यह है कि उप निबंधक कार्यालय से प्रतिदिन सरकार को मिलने वाली स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मगर जिले के प्रशासनिक अधिकारी अधिवक्ताओं की हड़ताल की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।

जिससे वकीलों ने हड़ताल का रुख बदलते हुए अनशन शुरू कर दिया है और आर पार की लड़ाई शुरू कर दिया है। शनिवार को भी अधिवक्ताओं ने करनैलगंज तहसील में संपूर्ण तरीके तालाबंदी कराते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के सामने प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक भ्रष्ट प्रणाली से ग्रसित तहसीलदार एवं एसडीएम का स्थानांतरण नहीं होता है तब तक अधिवक्ताओं का आंदोलन चलता रहेगा।

आंदोलन में तहसील अध्यक्ष संजय मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी, अरविंद कुमार शुक्ला, सत्य नारायण सिंह, सालिकराम तिवारी, धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, राकेश कुमार तिवारी, अवध राज शुक्ला, लालबाबू मिश्रा, अवध नारायण सिंह, वीरेंद्र विक्रम तिवारी, महेश कुमार गुप्ता, उग्रसेन मिश्रा, दिनेश गोस्वामी, अरविंद शुक्ला, हृदय नारायण मिश्रा, रामसभा मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, सुरेश कुमार मिश्रा, अरुण कुमार, करमचंद मिश्रा, गोपाल जी तिवारी, श्यामधर शुक्ला, सत्येंद्र श्रीवास्तव सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।

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