Gonda News:अवैध शराब निष्कर्षण के विरूद्ध चलेगा सघन अभियान, डीएम ने जारी किए विस्तृत दिशा निर्देश

10 मार्च से शुरू होगा छापेमारी अभियान, डीएम को भेजनी होगी रिपोर्ट

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा ।जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं आसन्न त्यौहारों के दृष्टिगत मदिरा की मांग बढ़ने की सम्भावना के दृष्टिगत जिला आबकारी अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब निष्कर्षण के विरूद्ध सघन छापेमारी अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों द्वारा देशी शराब की शीशियों में भरकर अवैध मदिरा की बिक्री, मदिरा की दुकानों से भिन्न अनाधिकृत स्थानों पर अवैध रूप से की जाती है। इसलिए आवश्यक है कि ऐसे संदिग्ध स्थलों एवं व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखते हुए गोपनीय ढंग से इन व्यक्तियों को चिन्हित कर तथा अवैध मद्य निष्कर्षण एवं मदिरा निर्माण एवं बिक्री के संदिग्ध अड्डों पर छापेमारी की कार्यवाही की जाए तथा अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री की गतिविधियों में पकड़े गए अपराधियों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के साथ-साथ आई.पी.सी. की सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्यवाही की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि राजमार्गों पर स्थित संदिग्ध ढाबों, जहां अल्कोहल के टैंकर प्रायः रूकते हंै और चालकों द्वारा अल्कोहल चोरी छिपे बेचे जाने की सम्भावना रहती है, की सघन एवं आकस्मिक जांच करायी जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि अनुज्ञापित परिसर के बाहर मदिरा की अवैध रूप से ब्रिकी कदापि न हो। किराना, फल एवं दुग्ध वाहनों से अवैध मदिरा के परिवहन की शिकायतों के दृष्टिगत ऐसे संदिग्ध वाहनों की भी सघनता एवं सूक्ष्मता से चेकिंग कराई जाये। अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त माफियाओं एवं संदिग्ध स्थानों की प्रभावी दबिश कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाये। आबकारी दुकानों एवं थोक अनुज्ञापनों का निरीक्षण संयुक्त रूप से चेक लिस्ट के अनुसार कराया जाये जिसमें अत्यधिक मूल्य पर मदिरा बेचने, अवैध मदिरा की बिक्री, देशी व अंग्रेजी शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री (ढक्कन, रैपर, होलोग्राम, ई0एन0ए0 आदि) की सप्लाई करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए। इसके अतिरिक्त दुकान पर स्थित स्टाक के बार कोड व क्यू आर कोड की सूक्ष्मता एवं सतर्कता पूर्वक जांच की जाये। असेवित क्षेत्रों तथा जिन स्थानों पर मदिरा की दुकानें नहीं हंै, वहां पर अवैध मदिरा के करोबार की सम्भावना के दृष्टिगत मिथाइल अल्कोहल पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाये जिससे अप्रिय व दुखद घटनाओं से बचा जा सके। अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिकी के सम्भावित स्थलों, यथा-बंद पड़े ईंट भट्ठों, कारखानों, प्रतिष्ठानों आदि को चिन्हित कर सर्तक दृष्टि रखी जाये। अल्कोहल युक्त औषधियों एवं टिंचर का शराब के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए ड्रग विभाग के सहयोग ऐसी दुकानों का सघन जांच कराई जाये तथा सब-स्टैण्डर्ड पाये जाने पर इनका अनुज्ञापन निरस्त कराया जाये। मदिरा की समस्त प्रकार की दुकानों पर गोपनीय ढंग से टेस्ट परचेजिंग करते हुए ओवर प्राइसिंग पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। अवैध शराब के जहरीली होने, उसे न पीने, मिथाइल अल्कोहल में घातक विष होने, परिणामतः इसके उपयोग से व्यक्ति के अंधा होने या मृत्यु होने की चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाये। एक हजार लीटर से अधिक कच्ची शराब, दूसरे राज्यों में बनी शराब कैमिकल से बनी शराब, रेक्टिफाइड स्प्रिट आदि बरामदगी सम्बन्धी अभियोगों की सूचना पृथक से रखते हुए इन अभियोगों के सम्बन्ध में उद्गम बिन्दु, वितरण, परिवहन व विक्रय तंत्र तथा उपभोग के लिये चिन्हित क्षेत्र के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर कार्यवाही की जाये। नदियों के किनारे, जंगल तथा माझा क्षेत्र में अवैध शराब बनाने की शिकायतें रहती हैं। इसलिए इन स्थानों पर भी टीम बनाकर जांच करायी जाए तथा जंगल क्षेत्र मेें अवैध शराब की जांच टीम में वन विभाग व आबकारी विभाग को जिम्मेदारी दी जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि आगामी 10 मार्च से 17 मार्च तक अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने, अभियान के आरम्भ व अन्त में आख्या प्रेषित करने तथा अभियान के प्रारम्भ और अन्त में बैठक करते हुए कार्यवृत्त प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशों के क्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक एवं जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि अपने व्यक्तिगत पर्यवेक्षण में प्रभावी ढंग से अभियान का संचालन कराते हुए शासन को वांछित रिपोर्ट समय से प्रेषित करायेंगे तथा दैनिक प्रवर्तन की रिपोर्ट डीएम को प्रेषित करेंगे।

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