Lakhimpur Kheri News:आयकर कटौती जागरूकता कार्यशाला का हुआ आयोजन, अधिकारियों ने बताएं कटौती के कायदे कानून

आयकर कटौती जागरूकता कार्यशाला का हुआ आयोजन, अधिकारियों ने बताएं कटौती के कायदे कानून
एन के मिश्रा
लखीमपुर खीरी।खीरी जिले के सभी नगर निकायों में आयकर कटौती को लेकर जागरूकता लाने के उद्देश्य से बुधवार को नपाप-लखीमपुर सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। जिसमें आयकर अधिकारी वीरेंद्र सिंह, आयकर निरीक्षक अंकुर पांडेय, कर सहायक अशोक सक्सेना, सभी नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी व पटल सहायक मौजूद रहे।
संगोष्ठी में आयकर अधिकारी (टीडीएस) सीतापुर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नगर पालिका व नगर पंचायतों के द्वारा ठेकेदार इत्यादि को एक मुस्त ₹30 हजार देने पर या पूरे वित्तीय वर्ष में एक लाख से अधिक देने पर टीडीएस कटौती का प्रावधान है। इसके अलावा यह भी देखने में आया है कि नगर पालिका व नगर पंचायतों के द्वारा टीडीएस की कटौती तो की जाती है, परंतु टीडीएस का स्टेटमेंट फाइल नहीं किया जाता है या टीडीएस की कटौती ही नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि कटौती की गई राशि को अगले महीने की सात तारीख तक उचित चालान द्वारा आयकर विभाग के खाते में जमा हो जाना चाहिए। यदि राशि सात तारीख के बाद जमा होती है, तो ब्याज देयता बन जाती है, जोकि विभाग को देयता होती है। प्रत्येक तिमाही के अंत में उसके अगले महीने की आखिरी तारीख तक टीडीएस का रिटर्न एम्पलाई को कटौती का विवरण देते हुए ई-फाइलिंग द्वारा जमा करना होता है। ऐसा ना होने की दशा में आयकर अधिनियम की धारा 201 के तहत जुर्माना व ब्याज देयता बनती है तथा धारा 234-ई के तहत लेट फाइलिंग फी जो कि ₹200 प्रतिदिन के हिसाब से देयता बनती है। जब तक कि टीडीएस रिटर्न फाइल नहीं हो जाता। इसके अलावा संगोष्ठी में टीडीएस से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिकारियों से अपील की गई कि वे आयकर अधिनियम के कर कटौती संबंधी कायदे कानून के तहत कार्य करते हुए भारत सरकार के राजस्व संग्रह में सहयोग करें। संगोष्ठी के अंत में आयकर अधिकारी ने सभी को धन्यवाद करते हुए कहा कि आयकर अधिनियमो का अनुपालन करना हम सब की समेकित जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी त्रुटि के सापेक्ष जुर्माना, ब्याज के साथ-साथ अभियोजन की कार्यवाही भी की जा सकती है।

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