Lakhimpur- Kheri-News-स्वर्गलोक में भरा बाढ़ का पानी करीब चार सौ परिवार प्रभावित ,तिरपाल के नीचे खानाबदोश का जीवन जी रहे लोग

एन.के.मिश्रा

धौरहरा ( लखीमपुर-खीरी)। धौरहरा क्षेत्र में पीलीभीत बस्ती मार्ग के किनारे बसी करीब चार हजार की आबादी नरकीय जीवन जीने को विवस है। आजादी के सात दशक बाद भी यहां के निवासियों को सुविधाएं तो दूर जीवन जीने के लिए आवश्यकताएं भी नहीं मिल पा रही है। घाघरा नदी के किनारे बसे होने के चलते इस गांव में बरसात के दिनों में बाढ़ का पानी भर जाता है जो करीब तीन से चार महीने तक भरा रहता है। जिससे यहां के निवासियों को संक्रामक बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

नदी किनारे बसे करीब 400 परिवारों की आबादी करीब चार हजार है। जिसमें से करीब एक हजार मतदाता हैं । जो पंचायत से लेकर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में मतदान करते हैं। कहने को तो यह गांव रामलोक का स्वर्गलोक है पर यहां के निवासियों का जीवन नर्कलोक से भी ज्यादा बदतर है।

बरसात के दिनों में घाघरा नदी का पानी गांव में भर जाता है जो तीन से चार महीने तक भरा ही रहता है।पानी भरा होने के चलते गांव के निवासी सड़क के किनारे तिरपाल के नीचे खानाबदोश का जीवन जीने को विवश रहते हैं। पानी की निकास न होने के चलते कुछ समय बाद गांव के निवासियों को संक्रामक बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।

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