Gonda Colonelganj News: घाघरा के घट रहे जलस्तर के बीच नदी और बाध के बीच खाली पडी जमीनो में कटान तेज

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंंज ,गोण्डा । गुरुवार को घाघरा के घट रहे जलस्तर से नदी और बांध के बीच खाली पड़ी जमीनों में कटान भी तेज हो गई है। ग्राम बांसगांव के पास एल्गिन चरसडी बांध से सटकर घाघरा नदी के बहाव के आगे बांध को बचाने की जद्दोजहद सिंचाई विभाग के अधिकारी करने में लगे हैं। घाघरा नदी का जल स्तर गुरुवार की दोपहर बाद से घटने लगा।

गुरुवार को एल्गिन ब्रिज पर ली गई माप के अनुसार नदी का जल स्तर सुबह 6 बजे से 10 बजे तक 106.676 पर स्थित रहा। मगर 12 बजे घटकर 106.656 व 2 बजे 106.636 हो गया। जो खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि गिरजा, शारदा व सरयू बैराज से 2 लाख 49 हजार 606 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। नदी के बदले मिजाज से नदी व बांध के बीच बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नकहरा गांव के आस पास बाढ़ का पानी भरा है। वहीं माझा रायपुर, परसाबल, कमियार, नैपुरा गांव पूरा जलमग्न है।

 ग्रामीणों को भरे हुए पानी के बीच आशियाना बनाकर रहना मजबूरी बन गया है। वहीं बांध पर मौजूद लोग खाने पीने को तरस रहे हैं। उनके पास राशन है तो जलाने के लिए लकड़ी नहीं है और पेयजल की किल्लत है। अधिकांश ग्रामीण दूषित पानी पीने को विवश हैं। यही नहीं अधिकांश बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक एक जून का भोजन उन्हें नसीब हो रहा है।

 सरकारी महकमे के लोग महज राशन देकर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। न रोशनी की व्यवस्था न ही पेयजल की व्यवस्था है। एसडीएम ज्ञानचन्द गुप्ता ने बताया कि नदी का जलस्तर गुरुवार की सुबह 10 बजे से घटने लगा है। फिर भी क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह ने बताया कि नदी का जल स्तर घटने बढ़ने से बांध पर कोई फर्क नही पड़ेगा बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।

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