Lakhimpur Kheri News:बाघ सुरक्षा सप्ताह गोष्ठी में ग्रामीणों को किया जागरूक

जंगल से जुड़े खैरीगड़ के ग्रामीणों को पोस्टल व पंपलेट वितरण कर दी जानकारियां

एन.के.मिश्रा
पलियाकलां, लखीमपुर खीरी । बाघ सुरक्षा माह के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें वन कर्मचारियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए पोस्टर व पंपलेट वितरित किया इसके साथ ही जंगली जानवरों के हमले को रोकने और उनको बचाने के लिए सहयोग करने की बात कही मझगई रेंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरीगड़ बाघ सुरक्षा माह के तहत रविवार को जागरूकता गोष्ठी का आयोजन हुआ इसमें क्षेत्र के ग्रामीण उपस्थित रहे लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि गांव में खेत से गन्ना की फसल काटी जा रही है ।

इससे बाघ और तेंदुए जंगल से बाहर निकल रहे हैं इनको देखते ही ग्रामीण वन कर्मियों को सूचना दें वन जीवो की सुरक्षा पर ग्रामीण सहयोग करें गोष्ठी के बाद ग्रामीणों को जागरूक पोस्टल वा पंपलेट वितरण किए गए।

वन क्षेत्राधिकारी सुभाष चंद्र वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र और उनके आसपास के क्षेत्रों में हिंसक वन्यजीवों बाघ तेंदुआ आदि से सुरक्षा एवं मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बार  दीर्घकालीन सुरक्षा उपायों को अपनाने के साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने पर वन विभाग का जोर है। मानव जीवन संघर्ष रोकने को लेकर सावधानियां बरतने के सुझाव दिए कि लोग वन सीमा से लगे खेतों में समूह बनाकर जाए वह आवाज करते रहें फसल काटते समय निरंतर आसपास के खेतों में निगरानी बनाए रखें वन क्षेत्र के भीतर वन सीमा के आसपास पालतू जानवर न चरायें वन क्षेत्र से सटे हुए खेत में मरे हुए शिकार के करीब ना जाएं और स्थानीय वन विभाग को सूचना दें। उपक्षेत्रीय वनअधिकारी रज्जन लाल ने बताया हिंसक वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ बैठक एवं गोष्ठी कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को अपने खेत में अकेले न जाने का सुझाव दिया जा रहा है। क्षेत्र के आसपास जंगल के अंदर जाने वाले सभी रास्तों को खाई खोड़वाकर बन्द करवाया गया है। वन्य जीव प्रभाग से सटे होने के कारण वन कर्मियों के साथ क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं वन्यजीवों की सतत मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के लिए टीमें बनाई गई हैं। क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है।

मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर नियंत्रण एवं बाघ के आवागमन के चलते इसकी मानिटरिंग करने के लिए समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया वन्यजीव प्रभाग से पालतू हाथी मंगवाकर क्षेत्र में पेट्रोलिंग कराई जा रही है, ताकि बाघ इन वन क्षेत्र के भीतर ही रहे और अपना प्राकृतिक शिकार करें।

इस दौरान,वन दरोगा राकेश शुक्ला ,वनरक्षक शरद मिश्रा,हीरा लाल व वनकर्मी आदि मौजूद रहे ।

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