Gonda News:वट सावित्री पर्व के अवसर पर आयुक्त, डीएम, एसपी व सीडीओ ने रोपे बरगद के पौधे

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। वट सावित्री पर्व के मौके आयुक्त देवीपाटन मण्डल एसवीएस रंगाराव, डीएम मार्कण्डेय शाही, एसपी संतोष मिश्रा तथा सीडीओ शशांक त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अम्बेडकर चौराहा स्थित वेंकटाचार्य क्लब परिसर में 11 वट तथा 06 पीपल के पौधों का रोपण किया।
इस अवसर पर आयुक्त श्री रंगाराव ने कहा कि कोरोना काल में पीपल और बरगद जैसे अत्यधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों के महत्व व उपयोग से दुनिया रूबरू हुई है। कोरोना संक्रमण के चरम के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हो गई थी। ऐसे में लोगों का जीवन बचाने के लिए आज की यह बड़ी जरूरत है कि हम लोग जीवनदाई पौधों का अधिकाधिक रोपण करें। उन्होंने कहा कि पीपल व बरगद के पेड़ सबसे ज्यादा आक्सीजन देने का काम करते हैं, इसीलिए इन पौधों को देव के रूप में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वट सावित्री पर्व के अवसर पर जहां एक ओर महिलाएं वट वृक्षों की पूजा कर अखण्ड सौभाग्य का वरदान मांग रही हैं, वहीं हम सबका दायित्व है कि ऐसे पौधों का रोपण व संरक्षण जरूर करें।


डीएम मार्कण्डेय शाही ने कहा कि वृक्ष धरा के आभूषण हैं। उन्होंने बताया कि पीपल और बरगद के पौधों की महत्ता को देखते हुए इस बार के वृक्षारोपण अभियान के दौरान स्कूलों, सीएचसी व पीएचसी, आंगनबाड़ी केन्द्रों, नहरों की पटरियों तथा प्रमुख मार्गों पर पीपल व बरगद के पौधों का प्राथमिकता के आधार पर रोपण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार जिले मेे 49 लाख से अधिक पौधों को रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।


पुलिस अधीक्षक एस0के0 मिश्रा ने कहा कि यह ऑक्सीजन हमें शुद्ध और स्वच्छ हवा से ही प्राप्त होती है। ये शुद्ध हवा हमें वृक्ष द्वारा ही प्राप्त होती है। वृक्ष हमारे जीवन का आधार होते हैं। वृक्ष के बिना मानव जीवन का धरती पर कोई अस्तित्व ही नहीं हो सकता। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि वे सब लोग मानव जाति को संकट से बचाने के वृक्षों का रोपण जरूर करें तथा रोपित किए जाने वाले पौधों की जिम्मेदारी स्वयं लें ताकि रोपण के बाद पौध मरने न पाएं।

सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने कहा कि हमारे देश में नहीं अपितु पूरे विश्व में भी वनों का विशेष महत्व है। वन ही प्रकृति की महान शोभा के भंडार है। वनों के द्वारा प्रकृति का जो रूप खिलता है, वह मनुष्य को प्रेरित करता है।दूसरी बात यह है कि वन ही मनुष्य, पशु-पक्षी, जीव-जंतु आदि के आधार है। वन के द्वारा ही सब के स्वास्थ्य की रक्षा होती है। वन हमारे जीवन की प्रमुख आवश्यकता है। अगर वन न रहे तो हम नहीं रहेंगे। वन से हमारा अभिन्न संबंध है, जो निरंतर है और सबसे बड़ा है। इस प्रकार से हमें वनों की आवश्यकता सर्वोपरि होने के कारण हमें इसकी रक्षा की भी आवश्यकता सबसे बढ़कर है।


इस दौरान डीएफओ आर0के0 त्रिपाठी, एसडीओ एसपी सिंह, डीडी सूचना डा0 राजेन्द्र यादव, पीए आरआर वर्मा, ओएसडी शिवराज शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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