Lakhimpur Kheri News:भौतिकता से निकलने का मार्ग है पुनः दर्शन की ओर लौटना: डाक्टर वीणा गोपाल मिश्रा

भौतिकता से निकलने का मार्ग है पुनः दर्शन की ओर लौटना: डाक्टर वीणा गोपाल मिश्रा
एन के मिश्रा
लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व दर्शन दिवस के अवसर पर “दर्शन की उपयोगिता ” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन दर्शन विभाग द्वारा प्राचार्य डॉ वीणा गोपाल मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया । कार्यक्रम का संयोजन, संचालन दर्शन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डाक्टर रेखा पांडेय ने किया।
डाक्टर रेखा ने कहा दर्शन की आवश्यकता पूरे विश्व को है दर्शन हमें एक सम्यक दृष्टि देता है जो सत्य और असत्य को परखने के लिए आवश्यक है। संस्कृत विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर डाक्टर गीता शुक्ला ने दर्शन की उत्पत्ति एवम वर्तमान में दर्शन की  प्रासंगिकता विषय पर विचार प्रस्तुत किए।  दर्शन शब्द की व्युत्पत्ति  परक व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा दर्शन दृश धातु लट  प्रत्यय लगकर हुई है।प्राचार्य डॉ वीणा गोपाल मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि परमात्मा का सूक्ष्म रूप हमारी अंतरात्मा में विद्यमान है और वही हमारी प्रेरणा स्रोत है , आत्मा कभी गलत नही होती। भौतिकता से निकलने का मार्ग है पुनः दर्शन की ओर लौटना तभी हम विश्व की तमाम समस्याओं का समाधान कर सकते है।
दर्शन विभाग की बी ए तृतीय वर्ष की छात्रा तूबा ने “विश्व दर्शन 2021: सामाजिक परिवर्तन और अंतर संस्कृति संवाद” विषय पर व्याख्यान दिया। उक्त कार्यक्रम  में महाविद्यालय की एक्स शिक्षिकाओं डाक्टर शशि प्रभा वाजपाई, डाक्टर सुशीला सिंह,अर्चना सिंह, शिवांगी सक्सेना, डाक्टर प्रीती सिंह,डॉक्टर प्रियंका सिंह , सविता साहू,पूजा शुक्ला व बड़ी संख्या में छात्राओं एवम कर्मचारी गण उपास्थित रहे।

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