Gonda News:घाघरा नदी पर बना भिखारीपुर-सकरौरा तटबंध सौ मीटर नदी में समाया हजारों एकड़ फसल सहित सैकडो घरो में भरा पानी

मुख्यमंत्री के दौरे पर बाँध बचाने के निर्देश धरे के धरे रह गये बाँध नदी में समाया,जिला अधिकारी ने कहा जांच का विषय 

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा ।  गुरूवार को तहसील तरबगंज अंतर्गत ऐली परसौली के विशुन पुरवा के सामने घाघरा नदी पर बना  भिखारीपुर सकरौरा तटबंध लगभग सौ मीटर अंततः टूट गया मुख्य मंत्री के दिये दिशा निर्देश सब धरे के धरे रह गये प्रशासन बांध बचाने में रहा विफल   जिससे सैकड़ो घरों में पानी भर गया और हजारो एकड़ फसल डूब गई।

बाढ़ पीड़ितों ने सुरक्षित जगह पलायन शुरू कर दिया। जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने बंधे पर पंहुचकर जायजा लिया और अधिकारियों से बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुचाने के निर्देश दिये।

 तीन दिन पहले रविवार की रात ऐलीपरसौली में भिखारीपुर सकरौरा तटबंध एक बार फिर टूटते टूटते बच गया था। लेकिन तेजी से बचाव कार्य शुरू किया गया था और बांध के बगल में नए बांध का निर्माण शुरू कर दिया था जिससे बांध कटते कटते बच गया था। गुरूवार को दिन में लगभग तीन बजे घाघरा  नदी के जल के दबाव के चलते तेज कटान ने भिखारीपुर सकरौरा तट बंध के किलोमीटर 17.6 पर ऐली परसौली के विशुनपुरवा के सामने  बाँध 40 से 45 मीटर तक कट कर नदी में समा गया देखते ही देखते लगभग सौ मीटर तक बाँध धरासायी हो  जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बांध के कटने की खबर मिलते ही  जिला अधिकारी गुरूवार को ऐलीपरसौली पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और विभागीय अधिकारियों तथा तहसील प्रशासन को मौके पर कैंप कर हर हाल में बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर भेजने को निर्देश दिया ।बांध टूटने से ऐलीपरसौली सहित आधा दर्जन मजरों के सैकड़ो परिवार बाढ़ की त्रासदी झेलने को विवश हो गए। और सैकड़ो एकड़ फसलें जलमग्न हो गई।

जिलाधिकारी बंसल के अनुसार 17.6 किलोमीटर पर घाघरा नदी के भिखारीपुर सकरौरा के ऐलीपरसौली के विशुनपुरवा के सामने बाँध कट गया है पानी तेज गति से आबादी के तरफ बढ रहा पानी के दबाव के चलते बाँध के और हिस्से को नदी में समाहित होने के आसार है। विशुनपुरवा 42 परिवार के 162 लोगो को घरो से सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिये गये है। 

आबादी में पानी न पहुंचे रिंग बनाते हुए आबादी में पानी जाने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किये जा रहे है। 

वही ग्रामीणो का आक्रोश  भी देखने को मिला है ग्रामीणो की माने तो हर वर्ष ऐलीपरसौली गांव  के सामने बंधे में कटान के चलते हजारो एकड फसलो का नुकसान व त्रासदी झेलने पडती है लोगों की माने तो कई करोड़ रूपये खर्च होने के बाद भी बाँध बचाने के कोई ठोस उपाय न बन सके।

मुख्य मंत्री ने दौरा करके बाढ खण्ड अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया था कि किसी भी कीमत पर अगर बाँध कटा तो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वही जिलाअधिकारी बंसल ने बताया है कि जांच का विषय है। 

सोनौली के पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंंह जनसेवक की माने तो प्रशासन के कमाऊ नीति के अन्तर्गत हर वर्ष बाध तीन किलोमीटर के अन्दर स्पेर नम्बर 3 -5-6 के बीच ही कटता है चौदह करोड का बाध रिपेरिंंग पर अब तक इस बांंध पर सौ करोड से ऊपर खर्च हो चुका है लेकिन ठोस योजना अभी तक इस बांंध के लिए नही बन सका जिसके चलते हर वर्ष ग्रामीण जनता बाढ जैसी त्रासदी झेलने को मजबूर होते है ।

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