Lakhimpur- Kheri-News- ‘भूजल संरक्षण आज करें, कल के लिए जल सुरक्षित करें: सहायक अभियंता लघु सिंचाई’

एन.के.मिश्रा

  लखीमपुर खीरी। सहायक अभियंता लघु सिंचाई सुश्री कल्पना वर्मा ने बताया कि भूजल जनजागरूकता के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 16 से 22 जुलाई तक ‘‘भूजल सप्ताह’ आयोजित किया जा रहा है। उन्होनें बताया कि भूजल एक महत्वपूर्ण एवं बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है। विगत 02 दशकों में विभिन्न कारणो से भू-गर्भ जल की मांग में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से जहां एक ओर इसकी उपलब्धता में कमी आई है, वही दूसरी ओर भूजल प्रदूषण एवं जल प्लावन की समस्याएं भी उत्पन्न हुई है।  इसके दृष्टिगत जल संरक्षण से जुड़े कार्यो में वृहद स्तर पर जागरूकता सृजित करना आवश्यक है। उन्होनें बताया कि ‘‘जल की हर एक बूंद’’ को संरक्षित करने के उद्देश्य से ‘‘भूजल सप्ताह’’ का आयोजन किया जाता है।


          उन्होनें बताया कि सरकार भूजल संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रदेश में भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबन्धन एवं वियमन किये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम-2019 प्रख्यापित किया गया है। उन्होनें सभी जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि भूजल सप्ताह में हम संकल्प लें कि अपनी दिनचर्या में पानी का दुरूपयोग रोकेंगे, भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन को नियंत्रित करेगे तथा भावी जल निधि के रूप में वर्षा जल को संचित कर भूजल स्त्रोतों को बचाएंगे।


          उन्होनें बताया कि प्रदेश में निरन्तर गिरते जलस्तर तथा भूजल दोहन की अधिकता को देखते हुए शासन द्वारा कई वर्ष पूर्व निर्धारित 10 जून को भूजल दिवस मनाने के स्थान पर वर्ष 2012 में 16 जुलाई से 22 जुलाई  तक ‘‘भूजल सप्ताह’’ के द्वारा वर्षा जलसंचयन एवं संरक्षण के लिए जनजागरण करना निर्धारित किया गया है। भूगर्भ जल विभाग के अनुसार प्रदेश में अधिकांश जनपद अतिदोहित एवं संकटग्रस्त श्रेणी में पहुंच चुके है। भूजल दोहन के सापेक्ष भूजल रिचार्ज की मात्रा नगण्य होने के कारण ‘नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग’ द्वारा ‘‘भूजल सप्ताह’’ को आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।


         उन्होनें बताया कि सीनियर हाइड्रोलाॅजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग लखनऊ मण्डल की रिर्पोट के अनुसार जनपद लखीमपुर खीरी भूजल दोहन की दृष्टि से सुरक्षित श्रेणी मे है। अतः भविष्य मे भी जनपद को सुरक्षित श्रेणी में रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जिले में भूजल संरक्षण व वर्षा जल संचयन का प्रचार-प्रसार आम जनता तक कोविड-19 के सम्बन्ध में शासन द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों का पालन करते हुए किया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग एवं भूगर्भ जल विभाग लखनऊ मण्डल द्वारा बैनर, पम्फलेट, होर्डिग्स आदि के माध्यम से जिले एवं विकास खण्ड स्तर पर भूजल सप्ताह का आयोजन कर आमजनमानस एवं किसानों को जागरूक किया जा रहा है। भूजल सप्ताह के मुख्य विचार बिन्दु ‘‘वर्षा जल है जीवन धारा, इसका संचयन संकल्प हमारा’’ के दृष्टिगत मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्बन्घित जिला स्तरीय अधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों को भूजल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण निर्माण कार्य यथा तालाबो, कूपों का जीणोद्वार/निर्माण, रिचार्ज पिट, ड्रिप एवं स्प्रिकलर सिंचाई विधि एवं मेडबंदी को बढ़ावा, वृहद वृक्षारोपण आदि कार्य कराने के आदेश निर्गत किये गये है।

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