Lakhimpur- Kheri-News:भारत में भूलने की बीमारी से पीड़ित हैं करीब दस लाख व्यक्ति- डॉ रविंद्र शर्मा

विश्व अल्जाइमर दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

लखीमपुर-खीरी। विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल में सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जागरूकता के उद्देश्य से मानव श्रृंखला बनाई गई। वहीं एक बैठक का आयोजन भी किया गया। जिसमें अल्जाइमर बीमारी से संबंधित जानकारियां लोगों को दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रविंद्र शर्मा ने बताया कि अल्जाइमर जिसे भूलने की बीमारी भी कहा जा सकता है यह एक धीमी गति से बढ़ने वाली मस्तिष्क की बीमारी है। जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। करीब पूरे भारत में 10 लाख व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित हैं। इस बीमारी से मनुष्य के सोचने समझने तथा याददाश्त की क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। यह रोग आमतौर पर 65 वर्ष से अधिक आयु के 6 से 10% लोगों में पाया जाता है। इस दौरान मानसिक रोग चिकित्सक डॉक्टर अखिलेश शुक्ला ने बताया कि आमतौर पर बुजुर्गों में होने वाली यह बीमारी बुजुर्गों में बड़ी समस्या बन जाती है। जिससे धीरे-धीरे वह व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को करने में भी अक्षम हो जाता है और अपने परिवार के लोगों पर पूर्णतया निर्भर हो जाता है। याददाश्त जाने के साथ-साथ उसे और भी शारीरिक रोग लग जाते हैं। अल्जाइमर कि अभी तक कोई दवा ऐसी नहीं बनी है, जिससे इस रोग को पूरी तरह ठीक किया जा सके। दवाओं से इसके बढ़ने की गति को धीमा जरूर किया जा सकता है, परंतु अगर शुरुआती लक्षणों के समय ही मरीज अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर बताए गए निर्देशों के साथ दवाओं का सेवन करने लगे तो बहुत हद तक इस बीमारी को रोका जा सकता है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरसी अग्रवाल ने बताया कि इस रोग से होने वाले दुष्परिणामों को कम करने के लिए इसको समय पर पहचानना जरूरी है। यह बीमारी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे किसी को डरने की जरूरत है, जो दवाएं आज मौजूद हैं वह काफी कारगर है परंतु बुजुर्गों से जुड़ी होने के चलते कोरोना संक्रमण के दौरान ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में डॉ राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, देवनंदन श्रीवास्तव, अतुल पांडे व विवेक मित्तल आदि उपस्थित रहे।

अनियमित खानपान, धूम्रपान व अल्कोहल अल्जाइमर के बढ़ने का बड़ा कारण
कार्यक्रम के दौरान डॉ रविंद्र शर्मा ने बताया कि भारत में बड़ी संख्या में जिन लोगों को यह बीमारी हो रही है उनमें धूम्रपान करने वाले अल्कोहल का प्रयोग करने वाले वाह मधुमेह के रोगी अधिक हैं साथ ही असंतुलित आहार और फास्ट फूड इस बीमारी को बढ़ाने के बड़े कारण हैं यह रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पाया जाता है अगर प्रतिशत की बात करें तो 100 मरीजों में 60 महिलाएं और 40 पुरुषों का प्रतिशत रहता है रोगी के बच्चों में भी इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए उन्हें खास सावधानियां रखनी चाहिए सभी को संतुलित आहार लेना चाहिए साथ ही हरी साग सब्जी फल दूध स्ट्रॉबेरी संतरा चेरी के साथ-साथ नियमित व्यायाम भी करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *