Gonda Colonelganj News:चार प्रधान व तीन बीडीसी सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन दोनों राजनैतिक घरानों का दबदबा रहा कायम अब ब्लाक प्रमुखी पर जोर अजमाइश

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। पंचायत चुनावों में भी दो प्रमुख राजनैतिक घरानों का दबदबा साफतौर पर कायम रहा। अब दोनों घराने ब्लॉक स्तर के बड़े लक्ष्य को पाने की जुगत में हैं। करनैलगंज ब्लॉक में चार प्रधान व तीन बीडीसी सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन दोनों राजनैतिक घरानों द्वारा कराया गया। जिसमे चार प्रधान व तीन क्षेत्र पंचायत सदस्यों का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। विकास खंड करनैलगंज में गांव की सरकार के गठन में भी विधानसभा स्तर के दो राजनीतिक घरानों का दबदबा साफ तौर पर दिखाई दिया। जिसमें वर्तमान विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया की तीन ग्राम पंचायत है। ग्राम पंचायत धनावा, कूरी एवं कटरा शहवाजपुर हैं। जिस पर पंचायती राज गठन होने के बाद से लगातार इनका दबदबा बना रहा है और इस राजघराने के ही यह तीनों गांव हमेशा से माने जाते रहे हैं। जिसमें इस पंचायत चुनाव में भी प्रधान व बीडीसी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इसमें कटरा शहबाजपुर ग्राम पंचायत से राम तीरथ यादव का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है और इसी ग्राम पंचायत से क्षेत्र पंचायत सदस्य के तौर पर सुचेता पत्नी सुग्रीव का भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसके अलावा विधायक के गांव ग्राम कूरी से क्षेत्र पंचायत सदस्य तिलका पत्नी तिलकराम का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इस ग्राम पंचायत से राजघराने से लल्ला भैया की बहन कुँवरि संतोष सिंह निर्विरोध प्रधान चुनी गई। उधर ग्राम पंचायत धनावा में चुनाव हुए तो कुँवरि आशा सिंह चुनाव जीत गईं। मगर मतगणना के पहले ही उनका देहांत हो गया था। अब दोबारा हुए चुनाव में धनावा में लल्ला भैया के बड़े पुत्र कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। वहीं पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के पैतृक गांव ग्राम भभुआ में भी ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इसमें प्रधान पद के लिए रामसरन यादव एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए सुनीता पत्नी शिव कुमार का निर्विरोध निर्वाचन हुआ था। यहां किसी अन्य प्रत्याशियों द्वारा नामांकन नहीं किया गया। इन ग्राम पंचायतों में निर्विरोध निर्वाचन का सिलसिला कोई नया नहीं है। कई बार इन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। जहां दोनों घरानों का दबदबा बहुत सालों से कायम है। मगर मजे की बात यह है कि क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) की सीट के लिए दोनों राजनीतिक घरानों द्वारा कवायदें शुरू कर दी गई हैं।

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