Gonda News:ब्राह्मण चाहे तो बदल सकती है गौरा विधानसभा की तस्वीर : अनिल त्रिपाठी

ब्राह्मण चाहे तो बदल सकती है गौरा विधानसभा की तस्वीर : अनिल त्रिपाठी

 

राम नरायन जायसवाल की रिपोर्ट 

 

गोण्डा। राष्ट्र का निर्माण करना है तो ब्राह्मणों को जगाना होगा। ब्राह्मणों को अपनी शक्ति को पहचानकर राजनीतिक ताकत बनना होगा। उत्तर प्रदेश के चौदह फीसदी ब्राह्मण चाह लें तो उनकी पसंद की ही सरकार बनेगी। ब्राह्मण चाहे तो गोंडा में गौरा विधानसभा की तस्वीर भी बदल सकती है।

 

उक्त उद्गार वरिष्ठ पत्रकार व गौरा विधानसभा के सपा नेता अनिल त्रिपाठी ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण अगर अपनी ताकत को दिखाना चाहता है तो उसे एकजुट होना पड़ेगा। कहा, आज ब्राह्मण अपने संस्कारों को पूरी तरह से खो चुका है। ब्राह्मणों को अगर अपना अस्तित्व व सम्मान बचाना है तो उसे अपने संस्कारों पर जोर देना होगा। ब्राह्मणों को आरक्षण के ऊपर अपने को साबित करना होगा। मंचों से भाषण देने के बजाए हमें अपनी वास्तविकता को पहचानना होगा। हमें अपने संस्कारों को बनाए रखना होगा। क्योंकि अच्छे समाज की रचना के लिए संस्कारों का बहुत महत्व है।

 

ब्रह्म जानाति ब्राह्मण: अर्थात् ब्राह्मण वह है जो ब्रह्म (अंतिम सत्य, ईश्वर या परम ज्ञान) को जानता है। अतः ब्राह्मण का अर्थ है “ईश्वर का ज्ञाता”

“ब्राह्मण सर्वेजनासुखिनो भवन्तु” (ब्राह्मण चाहता है, सभी जन सुखी तथा समॄद्ध हों) एवं वसुधैव कुटुम्बकम (सारी वसुधा एक परिवार है) में विश्वास रखते हैं।

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