Gonda Colonelganj News:खेल के मैदान पर भू माफियाओं व कालेज प्रबंधन के बीच संघर्ष का आसार प्रबल कन्हैया लाल इंटर कॉलेज से जुड़े मैदान का मामला

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। कालेज में तीन हजार शिक्षारत छात्र-छात्राओं के लिए खेल के मैदान पर भू माफियाओं व कालेज प्रबंधन के बीच संघर्ष का आसार प्रबल हो गया है। फर्जीवाड़ा के आधार पर खेल के मैदान की जमीन को हथियाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। खेल मैदान को बचाने के लिए कालेज प्रशासन व कालेज बचाओ संघर्ष समिति के साथ ही कालेज के पूर्व छात्रों ने भी कमर कस ली है। कालेज के खेल मैदान को कब्जा करने के प्रयास पर स्थिति भी बिगड़ने के प्रबल आसार हैं।

क्षेत्र के सबसे बड़े और पुराने कन्हैया लाल इंटर कॉलेज से जुड़े मैदान में जहां लगातार करीब 70 वर्षों से कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा खेल के मैदान के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। यह मैदान कॉलेज के नाम से फरवरी 1952 में जरिए बैनामा मिला था। विभिन्न रियासतों ने इस जमीन को कॉलेज के नाम कराया था। जिस पर लगातार कालेज के छात्र छात्राएं खेल के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। इसी मैदान में दर्जनों बार तहसील स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय व जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं भी हो चुकी है।

यही नहीं नगर क्षेत्र में या आसपास के क्षेत्र में किसी राजनेता या मंत्री के आने पर इस मैदान को हेलीपैड के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। मगर अब इस मैदान को हथियाने के लिए भू माफियाओं की निगाहें जम गई हैं। वर्ष 2002 में कॉलेज की एक भूमि पर नगर के गाड़ी बाजार में कब्जे का प्रयास होने पर कालेज के बच्चों व अध्यापकों  से भूमि पर कब्जा करने वाले पूर्व चेयरमैन लाला खगेश चन्द्र सिंघानिया से विवाद उतपन्न हो गया था। जिसमे हालात बेकाबू हो गए थे कालेज के छात्रों ने उपद्रव करके भारी नुकसान पहुंचाया था। जिसमे एसपी सहित तमाम बड़े अधिकारियों को करनैलगंज में कैम्प करना पड़ा था।

कालेज के प्रधानाचार्य डीपी मौर्या ने बताया कि कुछ लोग खेल के मैदान की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन को हथियाने में लगे हैं। जबकि पूरी जमीन कालेज के नाम 1952 में जरिए बैनामा प्राप्त हुई है। एक तरफ भू माफियाओं की निगाहें टिक गई है, तो दूसरी तरफ कालेज प्रशासन ने भी हर स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। कालेज के प्रधानाचार्य डीपी मौर्य द्वारा उप जिलाधिकारी करनैलगंज को पूर्व में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था।

जिस पर एसडीएम ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने विद्यालय के नाम अंकित भूमि को खुर्द बुर्द करने अथवा विवादित आराजी की नवैय्यत बदलने से प्रतिबंधित करने का आदेश भी जारी किया था। उसके बावजूद राजनैतिक पकड़ से मजबूत भू माफियाओं ने इस जमीन का दूसरों से बैनामा करा लिया।

कालेज के शिक्षकों के साथ कालेज बचाओ समिति भी बनी है। जिसमे तमाम सामाजिक, राजनैतिक व कालेज परिवार के लोग शामिल हुए हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में अभिलेखों के साथ जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस समस्या से उन्हें अवगत कराया जाएगा। किसी भी कीमत पर कालेज की भूमि पर कब्जा नही होने दिया जाएगा।

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