Lakhimpur Kheri News:वन विभाग व आरटीओ के लिए कमाई का जरिया बने गौरीफंटा बार्डर के प्राइवेट वाहन

कोरोना को बढ़ावा दे रहे नगर के कुछ दलाल

एन.के.मिश्रा
पलियाकलां, लखीमपुरखीरी। कोरोना महामारी में जहाँ सरकार वैक्सीन लाने की पूरी कोशिश में लगी हुई है, वहीं गौरीफंटा बॉर्डर पर पालिया के कुछ दलाल पैसों के लालच में प्राइवेट डग्गामार बसों में सवारिया भर कर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए कोरोना महामारी को फैलाने का काम कर रहे हैं। भारत-नेपाल के गौरीफंटा सीमा पर वन विभाग, आरटीओ व पुलिस विभाग की मिलीभगत से दलाल व तस्कर प्राइवेट डग्गामार वाहनों से नेपालियों को जमकर लूट रहे हैं। जिसमे वह कोरोना महामारी को भी दावत दी रहे हैं। इसके लिए संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन बावजूद इसके उक्त विभाग कार्रवाई करने की जहमत नही उठा रहे हैं। वही उसके उलट नेपाल में कोरोना महामारी का डर दिखाते हुए भारतीयों के लिए नेपाल में पूर्ण रूप से प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है। यहाँ सोचने वाली बात यह है कि चंद तस्कर व दलालों के लिए धन उगाही का जरिया बन चुका है गौरीफंटा बॉर्डर पर  तैनात सुरक्षा एजेंसियां इस तरफ ध्यान क्यों नही दे रही है। सूत्रों की माने तो उक्त विभागों की बात की जाए तो जब बैठे-बिठाए सभी के कार्यालयों में मोटी-मोटी रकम पहुंचा दी जाती हैं। तो फिर कार्रवाई क्यों की जाये। सोंचने वाली बात यह भी है कि जब जिले में धारा 144 लगी हुई है और प्रशासन चार आदमी से ज्यादा एक जगह पर रहने पर कार्यवाही की बात कह रहा है। तो ऐसे में गौरीफंटा बार्डर पर सैकड़ों की तादात में लोग कैसे एकत्र हो रहे हैं। प्रति दिन सैकड़ो डग्गामार वाहनों के बॉर्डर पर पहुंचने से दुधवा का वातावरण प्रदूषित तो हो ही रहा है साथ ही जंगली जीव भी इन वाहनों की चपेट में आ जाने की संभावना बनी रहती है। सूत्रों की माने तो वन विभाग के कुछ कर्मचारी इसके एवज में दाललों से मोटी रकम की वसूली भी कर रहे हैं।

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