Lakhimpur Kheri News:गाय हमारी माता है धर्म का पालन कर रहे रिंकू पाण्डेय

एन .के.मिश्रा

धौरहरा, लखीमपुर खीरी ।गाय हमारी माता है का नारा बुलन्द करने वाले हजारों लोगों की भीड़ में धौरहरा क्षेत्र के रमियाबेहड़ निवासी युवक रिंकू पाण्डेय ऐसे सख्स हो जो गौ सेवा कर गाय हमारी माता है का नारा चरितार्थ कर रहे हैं । रमियाबेहड़ के परौरी निवासी रिंकू पाण्डेय निराश्रित गौवशों पशुओं की सेवा कर रहे हैं । बिना किसी सरकारी सहायता के रिंकू बीते कई सालों से दुर्घटना में घायल व बीमार पशुओं का इलाज कर रहे हैं ।

रमियाबेहड़ क्षेत्र के परौरी निवासी रिंकू पाण्डेय मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र सहारा खेती बाड़ी है । खेती करके होने वाली आय से ही रिंकू सड़क दुघर्टना में घायल , खेतों में लगे तारों से घायल या फिर गांवों की निराश्रित बीमार गौवंशो की सेवा कर रहे हैं।
वैसे रिंकू पाण्डेय की न तो कोई संस्था है और न उनको कहीं से कोई सरकारी सहायता ही मिलती है , बस करीब पांच वर्ष पहले निराश्रित बीमार व घायल गौवंशो को देखकर द्रवित हुए रिंकू पाण्डेय अपने मेहनत की कमाई से पशुओं का इलाज कर पुण्य के भागीदार बन रहे हैं । सुरुआती दिनों में रिंकू ने क्षेत्रीय डाक्टरों से परामर्श ले पशुओं का इलाज शुरू किया था । वर्तमान में रिंकू अपने अनुभव से ही पशुओं की छोटी-छोटी बीमारियों का खुद ही इलाज कर देते हैं ।गम्भीर दशा होने पर रिंकू पशुओं को अपनी व्यवस्था से पशु अस्पताल भी पहुंचाते हैं ।
रिंकू अपने गांव परौरी के साथ ही रमियाबेहड़ , ईसानगर , धौरहरा , निघासन आदि क्षेत्र के गांवों में भी बीमार व घायल पशुओं का इलाज करने अपने खर्च पर पहुंच जाते हैं । प्रतिदिन रिंकू पाण्डेय द्वारा करीब आधा दर्जन पशुओं का इलाज किया जाता है । कहीं से भी सूचना मिलने पर रिंकू पाण्डेय बिना कुछ सोचे गौ सेवा को निकल पड़ते हैं ।

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छः साल से दस हजार गौवंशो का किया इलाज

गौवंशों की असहाय दशा देखकर करीब छः वर्ष पहले द्रवित हुए रिंकू पाण्डेय ने निराश्रित गौवंशो के इलाज का जो बीड़ा उठाया वो बदस्तूर जारी है। बीते वर्षों में रिंकू करीब दस हजार निराश्रित पशुओं का इलाज कर चुके हैं । जाड़ा हो या गर्मी तूफान हो या बरसात पर सूचना मिलने के बाद रिंकू पाण्डेय इलाज के लिए निकल लेते हैं

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