Gonda News:मंदिरों में श्रद्धालुओं से पुलिस कर रही है अभद्रता,दुखहरण नाथ पुलिस के हवाले:गाइड लाइन पर “कोरोना वायरस” का हवाला

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।गोण्डा पुलिस पर शासन द्वारा जारी गाइडलाइन  का कोई असर नही कोरोना महामारी हवाला देकर दुखहरण नाथ मन्दिर में आने वाले दर्शनार्थी को पुलिस जबरन रोक रही है,मन्दिर पर भारी पुलिस बल तैनात है। 


जिले का प्रमुख धार्मिक स्थल दुखहरण नाथ उसके साथ साथ आज हिन्दूओ  का सबसे बडा त्यौहार रक्षाबंधन एवं सोमवार  पर बाबा दुखहरण नाथ दूसरों का दुख हरने वाले गोण्डा पुलिस के हवाले कैसा शासना आदेश कैसी सरकार की गाइड लाइन, गाइडलाइन मुताबिक मंदिरों को खोलने का निर्देश दिया गया  था ।मंदिर के कपाट खोल  भी गए है पर  मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना महामारी फैलने की बात कह कर  पुलिस मंदिरों पर आए श्रद्धालुओं को दर्शन करने या जल चढ़ाने से मना कर रही है।

 
मंदिरों पर पसरा है सन्नाटा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात मंदिर के पुजारी भी भयभीत हैं पुलिस के कार्यशैली पर उठे सवाल श्रद्धालु  काफी आक्रोश में है। जहां एक और दारु  दुकान पर कोई रोक-टोक नहीं है जबकि वहां भीड़  लगता है । गांव में कच्ची दारू बनाने वाले से पुलिस लेती है दाम गोंडा शहर में ऐतिहासिक पुरानी प्रसिद्ध दुखहरण नाथ मंदिर आज सोमवार का दिन सावन महीना चल रहा है रक्षाबंधन त्यौहार भी है सुबह 6:00 बजे देखा गया भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं से दर्शन करने व  शिव शंकर भोलेनाथ शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मना कर रही है पुलिस है ।

 जब मीडिया कर्मी सुबह मंदिर परिसर पहुंचे तो वहां कई दरोगा कई सिपाही खड़े हुए थे कवरेज करने से सिपाहियों ने जताई आपत्ति प्रदेश की भाजपा सरकार जो पुलिस वालों को छूट दे रखी है ।
कोरोना महामारी बीमारी को लेकर शनिवार रविवार को रहता है लाकँ डाउन वही   मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा शहर की सारी दुकानें रहती है बदं सरकार ने दारू ठेके की दुकान खोलने की  दे दी है छूट , मंदिरों की आस्था पर चोट आज रक्षाबंधन का त्यौहार है तमाम भाई बहनें इस पवित्र अवसर पर  मंदिरों के दर्शन नहीं कर पा  रहे  है ।पुलिस कह रही है कि कोरोनावायरस की आशंका है। मीडिया को देखकर भडकी पुलिस।

लोगों की माने तो गोण्डा में राजनीतिको से जनता का कोई सरोकार नही है प्रशासन कोरोना के बहाने लोगों के उत्पीड़न में लगी है। लोगों की माने तो जिला प्रशासन केवल कागजो का खेल, खेल रहा है कागजों में शासन को हो रही है रिपोर्ट मौके का बुरा हाल कोरोना के नाम पर लोगों की आवाज बन्द कर प्रशासन कर रहा है मनमानी जिसका जीता जागता उदाहरण दुखहरण नाथ मन्दिर को दर्शनार्थियों से दूर कर दिया जाना फिर सरकार के गाइडलाइन का कौन सा सरोकार जब पुलिस की लाठी के आगे सब बेकार साबित हो रहा हो। 

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