Lakhimpur Kheri News:जमीनी स्तर पर हो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सफल क्रियान्वयन : डीएम

डीएम में कृषि एवं बैंक अधिकारियों के साथ की बैठक तय हुई रणनीति

एन.के.मिश्रा
लखीमपुर खीरी । डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों की भागीदारी बढ़ाने हेतु जिला स्तरीय मानिटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। जो आपदा के समय में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को अधिकाधिक संख्या में इस योजना से लाभान्वित करवाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए जिससे आपदा के वक्त किसानों के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो सके। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और किसान के लिए फसल उसकी आजीविका का ना केवल साधन है बल्कि उसके सपनों का संसार है। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने  बताया कि जनपद लखीमपुर खीरी हेतु रवी 2020-21 हेतु गेहूं, मसूर, लाही, सरसों की फसलों का बीमा केसीसी का लाभ प्राप्त करने वालों एवं गैर ऋणी कृषक अपने नजदीकी बैंक शाखाओं में जाकर करा सकते हैं। रवी 2020-21 मैं जिले हेतु तीन फसलें गेहूं का प्रीमियम प्रति हेक्टेयर 1108 रुपए, मसूर हेतु 641 रुपए प्रति हेक्टेयर, लाई व सरसों हेतु ₹600 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम निर्धारित है।उन्होंने बताया कि बीमा का लाभ ग्राम पंचायत स्तर पर आधारित अधिसूचित क्षेत्र प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई की स्थिति, खड़ी फसलों में प्राकृतिक आपदाओं यथा सूखा शुष्क स्थिति, बाढ़, जल प्लावन ओलावृष्टि भूस्खलन आकाशीय बिजली आदि अन्य रोके ना जा सकने वाले जोखिमों से होने वाली फसल की क्षति एवं व्यक्तिगत स्तर पर ओलावृष्टि, भूस्खलन, जल प्लावन (धान को छोड़कर) फसल की कटाई के उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सूख आने हेतु रखी गई कटी फसल की प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति होने पर लाभान्वित किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक योगेश प्रताप सिंह ने पात्रता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ऋणी कृषक मौसम विशेष में अधिसूचित फसलों हेतु अल्पकालीन कृषि प्रचालन रीडिंग लेने वाले समस्त ऋणी कृषक बीमा हेतु आधार नंबर अनिवार्य है व गैर ऋणी कृषक अपनी इच्छा अनुसार मौसम विशेष में अधिसूचित फसल का बीमा निकटतम बैंक शाखा, सहकारी समिति, जन सेवा केंद्र के माध्यम से कराया जा सकता है भूअभिलेखीय साक्षय,आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक की कॉपी एवं स्व प्रमाणित घोषणा पत्र जमा करना आवश्यक है। बीमा के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2020 है। उन्होंने बताया कि प्रभावित विविध कृषक को आपदा के 75 घंटे के अंदर सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-8896-868/1800-2005-142 पर अथवा लिखित में अपने बैंक व कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करवाना आवश्यक है।
बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी एवं बैंक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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