Gonda Colonelganj News:सरयू घाघरा एक बार फिर रौद्र रूप दिखाते हुए खतरे के निशान 40 सेटीमीटर ऊपर बह रही है

एल्गिन चरसडी बांध सहित सकरौर भिखारीपुर रिंग बांध पर प्रशासनिक व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की हलचल तेज हो गयी 

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

 करनैलगंंज,गोण्डा । गत कई दिनों से शांत चल रही घाघरा ने रविवार को अपना रौद्र रूप दिखाते हुए फिर से आंखें तरेर ली हैं। जिससे बाढ़ प्रभावित ग्राम वासियों सहित बांध की जद में रहने वाले गांव के लोगों में मायूसी छा गई है। तो वही एल्गिन चरसडी बांध सहित सकरौर भिखारीपुर रिंग बांध पर प्रशासनिक व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की हलचल तेज हो गई है।

एल्गिन ब्रिज घाघरा घाट स्थित केंद्रीय जल आयोग संस्थान से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार घाघरा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सोमवार शाम को मिले आंकड़ों के अनुसार घाघरा का जलस्तर 106 दशमलव 476 दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर था। पहाड़ों सहित नदी के कैचमेंट वाले एरिया में हो रही लगातार बरसात से घाघरा उफान पर आ गई है।

शारदा, गिरिजा सहित सरयू बैराज का डिस्चार्ज अचानक बढ़ जाने से आने वाले दिनों में घाघरा के जलस्तर में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। शारदा, गिरजा व सरजू बैराजों का कुल डिस्चार्ज 2 लाख 71 हजार 253 क्यूसेक दर्ज किया गया। जिसमें गिरजा बैराज का डिस्चार्ज 1 लाख 25 हजार 721 क्यूसेक शारदा बैराज 1 लाख 31 हजार 337 क्यूसेक व सरयू बैराज 14195 क्यूसेक पर रहा। बांध पर तैनात अधिशासी अभियंता एमके सिंह के अनुसार बांध पर सभी प्रभावी इंतजाम किए जा रहे हैं।

घाघरा नदी बांसगांव के पास किलोमीटर 27 से 29 के बीच अपना दबाव बनाए हुए हैं। तो वही सकरौर भिखारीपुर रिंग बांध पर भी नदी का दबाव है। दोनों स्थानों पर सिंचाई विभाग द्वारा कैंप बनाकर निगरानी कराई जा रही है। इधर बांध की जद में आने वाले बेहटा, परसावल, नेपुरा, मांझा रायपुर सहित नकहारा गांव के करीब 9 मजरों में घाघरा के पानी का फिर से आना शुरू हो गया है। ऊपर से लगातार हो रही बारिश बांध के लिए खतरा पैदा करने का काम कर रही है। जिससे बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। करनैलगंज के नकहरा गांव के बाढ़ पीड़ितों का आरोप है यहां प्रशासनिक मदद न के बराबर है।

जिससे बाढ़ पीड़ित मुश्किल में है। इधर तहसील के लेखपाल को कोरोना संक्रमित हो जाने के चलते पूरी तहसील को सील कर दिया गया है। जिससे बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम भी उसी दायरे में आ चुका है।

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