Gonda Colonelganj News: घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते एक बार फिरसे खतरे के निशान से 95 सेटीमीटर ऊपर,बाँध के पास गांवों में पानी का फैलाव शुरू

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंंज ,गोण्डा । घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढोत्तरी हो रही है। सरयू नदी फिर से खतरे के निशान से करीब 95 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। तीन दिन पूर्व विभिन्न बैराजों से छोड़े गए करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से नदी पूरे शबाब पर है। 


बुधवार को विभिन्न बैराजों से छोड़े गए करीब सवा तीन लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज जारी रहा। बांध के आस पास वाले गांव में बाढ़ के पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है। सात गांव बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। जिसमें ग्राम माझा रायपुर, परसावल, नेपुरा, पारा, बेहटा और कमियार यह बाराबंकी और गोंडा जिले की सीमा पर बसे गांव हैं तथा करनैलगंज तहसील के ग्राम नकहरा के नौ मजरे पूरी तरह बाढ़ के पानी से डूब चुके हैं और सभी मजरे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। एल्गिन चरसडी बांध बनने के बाद इसी वर्ष दूसरी बार आए पानी के इतने बड़े सैलाब से ग्रामीण भयभीत हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक इस वर्ष दो बार घाघरा नदी में इतना पानी आया है। इसके पूर्व घाघरा नदी का फैलाव मात्र एक किलोमीटर की परिधि में था। जो अब बढ़कर करीब ढाई किलो मीटर से भी ज्यादा हो गया है। जिससे पानी का दबाव बांध एवं आसपास के गांव में कम होना चाहिए, मगर पानी का जबरदस्त सैलाब आने से घाघरा नदी 100 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है और जिन गांवों में आज तक पानी नहीं घुसा वहां तक घाघरा के बाढ़ का पानी दस्तक दे चुका है। गोंडा और बाराबंकी जिले की सीमा पर बसी ग्राम पंचायतें कमियार, माझा रायपुर, परसावल, नैपुरा तो पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। इसके अलावा ग्राम पारा और बेहटा के अधिकांश मजरे बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।

करनैलगंज तहसील के ग्राम नकहरा के 9 मजरे पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। जहां की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है और ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों के सुख सुविधा के लिए बाढ़ चौकी की स्थापना कर दी है। जहां राजस्व के अधिकारी और कर्मचारी कैम्प कर रहे हैं और पल-पल की सूचना अधिकारियों को दे रहे हैं। मगर ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। बुधवार को 3 लाख 26 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज सरयू में हो रहा था। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 107.16 पर चल रही थी। अगर बरसात ना हुई तो पानी घटने के आसार हैं मगर पहाड़ी क्षेत्र और बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर, नेपाल के सरहदी इलाकों में बारिश होने से नदी के जल स्तर में इजाफा होने का प्रबल अनुमान लगाया जा रहा है। 

बुधवार को उप जिलाधिकारी करनैलगंज, तहसीलदार करनैलगंज की संयुक्त टीम ने बांध एवं बांध के आस-पास के गांव का नाव से निरीक्षण किया और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से लगातार निगरानी करने के साथ-साथ गांव में फंसे ग्रामीणों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर लाने के निर्देश दिए हैं।

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