Gonda Colonelganj News: घाघरा ने एक बार फिर से उफान पर लाल निशान सेंंटीमीटर 58 से ऊपर कई गांंव बाढ के पानी से घिरे

एल्गिन चरसड़ी रिंगबांध की जद में आने वाले गोंडा जिले के नकहरा गांव के पुहिलपुरवा, मछारनपुरवा, तसंतलालपुरवा, तीरथरामपुरवा, देवकिशुनपुरवा सहित छंगूलाल पुरवा में घाघरा का पानी भरा 

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंंज ,गोण्डा । घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़कर एक बार फिर से खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। लगातार जोरदार बारिश और पहाड़ी इलाकों सहित नदी के कैचमेंट इलाके से आ रहा पानी घाघरा में उफान ला रहा है। तो वहीं बुधवार की दोपहर तक घाघरा का जलस्तर बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया। एल्गिन चरसड़ी रिंगबांध की जद में आने वाले गोंडा जिले के नकहरा गांव के पुहिलपुरवा, मछारनपुरवा, तसंतलालपुरवा, तीरथरामपुरवा, देवकिशुनपुरवा सहित छंगूलाल पुरवा में घाघरा का पानी भर चुका है। तो वहीं कई मजरे ऐसे भी है जो पानी से घिरे हुए है। जो कि अब गांव का गांव पानी में लगभग डूब चुका है। वहीं नैपुरा व परसावल सहित बांध के किनारे अन्दर की तरफ बसने वाले दर्जनों मजरे प्रभावित है। ऐसे में गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हो रहे है। अधिकांश आबादी गांव छोड़ चुकी है। इतना सबकुछ होने के बाद भी आलाधिकारी व नेता सिर्फ बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे में ही व्यस्त है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हे सही मदद नहीं मिल पा रही है। मांझा रायपुर व नकहरा के बाढ़ पीड़ितो का आरोप है कि उनके गांव में पानी काफी बढ़ चुका है। कई लोग गांव से पलायन कर चुके है और अब हम लोग भी सामान लेकर बंधे पर जा रहे है। अगर ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो पूरा गांव डूब जायेगा। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है, गांव के संपर्क मार्ग कट जाते है। हर बार हम अफसरों से शिकायत करते है। मगर कोई मदद नहीं मिलती। हमारा गांव पानी से चारों तरफ से घिरा है। गांव के लोग बहुत परेशानी उठाते है। बुधवार की दोपहर तक घाघरा का जलस्तर बढते क्रम में दर्ज किया गया। तथा खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चके जलस्तर से अब बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियों का दौर शुरू हो गया है।

घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज के केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोपहर तक घाघरा का जलस्तर 106.646 दर्ज किया गया। जो कि खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर था। तो वहीं अगर बैराजो की बात की जाय तो गिरजा बैराज 1 लाख 23 हजार 73 क्यूसेक, शारदा बैराज 1 लाख 46 हजार 172 क्यूसेक व सरयू बैराज 18 हजार 997 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। सभी बैराजों का कुल डिस्चार्ज 2 लाख 88 हजार 242 क्यूसेक पर रहा। जिससे अभी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। करनैलगंज के तहसीलदार बृजमोहन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि करनैलगंज तहसील कि एक ग्राम पंचायत के कुछ मजरे प्रभावित हैं। 

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