Lakhimpur- Kheri-News-रैनी में घर तोड़ कर दूर जा रहे हैं परिवार,पोखरा अचरौरा में घाघरा नदी काट रही है जमीनें

एन.के.मिश्रा

धौरहरा (लखीमपुर-खीरी)।धौरहरा तहसील में रौद्र रूप ले चुकी शारदा नदी रैनी गांव समेत करीब एक दर्जन गांवों का अस्तित्व मिटाने पर तुली है।ग्रामीण नदी के डर से घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बुधवार को रैनी गांव में तीन और घर शारदा नदी की लहरों में समा गए।

जबकि कटौली इलाके में घाघरा नदी भी तेजी से उपजाऊ जमीनें काटते हुए पोखरा गांव की तरफ बढ़ रही है। नदी और गांव के बीच करीब 500 मीटर का फासला बचा है।यही नही घाघरा नदी ने पोखरा-कटौली सम्पर्क मार्ग भी काट दिया है।जिससे ग्रामीणों में भय ब्याप्त हो गया है।तहसील क्षेत्र के रैनी गांव में शारदा नदी ने विमल,मुन्नालाल और उमेश के घर काट लिए। शारदा नदी रैनी में  45 से ज्यादा घरों को उजाड़ने के बाद भी शांत नहीं है। जिन जगहों पर बने घरों को उजाड़कर लोग सुरक्षित जगहों पर गए।

शारदा नदी उस जमीन को भी बहा ले गई। रैनी के दर्जनों घर कटान की जद में हैं। कटान की रफ्तार देखते हुए लोगों में दहशत है। वहीं रेहरिया गांव व उसके आसपास के गांवों की हालत खराब हो गई है लोग मजबूर होकर पीलीभीत बस्ती मार्ग पर शरण लेने पर विचार करने लगे है। गांव से हाइवे तक पहुँचने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़खण्ड की बचाव की कोशिशें कामयाब नहीं हो पा रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़खण्ड ने समय पर बचाव कार्य नहीं शुरू कराए। जिससे गांव का वजूद खत्म होने के हालात बन गए हैं। ग्रामीणों ने बाढ़खण्ड पर गुणवत्ता विहीन काम कराने के आरोप लगाते हुए कहा कि जितना काम बाढ़खण्ड ने कराया। वह सब पानी में बह गया। जिसके चलते शारदा का जल स्तर बढ़ने से अब ऊंचाई पर स्थित गांव भरेठा, सरसवा, रसूलपुर, अदलिसपुर, मूसेपुर, खमरिया, अल्लीपुर, दिलावलपुर, राजापुर, दुलही, मिदनिया, डेबर आदि दर्जनों गांवों व घाघरा नदी के किनारे बसे चकदहा ,  मल्लापुर , मांझा सुमाली , मिलिक , बेलागढ़ी , ओझापुरवा सहित दर्जनों गांवों में जलभराव तेजी से शुरू हो गया है जिसके चलते घरों सहित केला,उरद, मक्का की फसलों को नुक़सान पहुँचता देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई पड़ने लगी है।

वहीं कटौली इलाके में तेज़ी से कटान करती घाघरा नदी पोखरा गांव के नजदीक पहुंच गई है। कटौली-पोखरा सम्पर्क मार्ग काटकर आगे बढ़ती घाघरा नदी के निशाने पर पोखरा गांव है। कभी गांव से पांच किलोमीटर दूर बहने वाली घाघरा नदी से गांव की दूरी महज आधा किलोमीटर बची है।

बुधबार को घाघरा नदी ने पोखरा अचरौरा के रिखीराम,श्रवण पाठक,सुशील, छोटकन,पुतान,शहीद,वीरेंद्र,धनेश,ज्ञानचंद,जीवन,घनश्याम,कमलकिशोर,कौशलकिसोर ,विजय और राजकुमार की जमीनें काट ली। इन खेतों में फसलें भी लगी थीं। जिनको कटते देखने के अलावा किसान कुछ नहीं कर सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *