Gonda News:गोंडा से अपह्रत गौरव नोएडा से बरामद, पांच अपहरणकर्ता गिरफ्तार,एसटीएफ व गोंडा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

राम नरायन जायसवाल
गोण्डा । जिले के एससीपीएम पैरामेडिकल कालेज में पढ़ने वाले बीएएमएस छात्र गौरव को अपहरण के चौथे  दिन सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक गोण्डा के मुताबिक एसटीएफ व गोंडा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान नोएडा आगरा एक्सप्रेस वे पर सूरजपुर के समीप से तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। जबकि दो अपहरणकर्ता संतकबीरनगर जिले से गिरफ्तार किए गये हैं। बदमाशों के पास से एक स्विफ्ट कार,असलहा व मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अपहरण की इस सनसनीखेज वारदात में शामिल महिला डाक्टर व एक अन्य की तलाश की जा रही है। गोंडा पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय नोएडा में प्रेस कांफ्रेंस कर इस सफलता की जानकारी साझा की। अपहरण व 70 लाख रूपये की फिरौती के मामले में यूपी एसटीएफ समेत गोंडा जिले की 7 पुलिस टीमें काम रही थीं। गौरव की सकुशल बरामदगी के बाद उसके परिजनों के चेहरे की मुस्कान लौट आई है वहीं इस खुलासे के बाद गोंडा पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
कालेज कैंपस से किया गया था गौरव का अपहरण
गोंडा। एससीपीएम पैरामेडिकल कालेज में बीएएमएस की पढ़ाई करने वाला छात्र गौरव हालदार 18 जनवरी को दोपहर बाद कालेज कैंपस से लापता हो गया था। 19 जनवरी को अपहरणकर्ताओं ने उसके पिता निखिल हालदार को फोन कर गौरव के अपहरण किए जाने की जानकारी दी थी और उनसे गौरव के बदले 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में निखिल हालदार ने गोंडा नगर कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धारा 364 A के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी थी। गौरव की तलाश में जिले की स्वाट टीम समेत कुल 7 टीमें लगाई गयी थी।
आरोपी डाक्टर ने अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर रची थी अपहरण की साजिश
गोंडा। गौरव के अपहरण की पूरी साजिश दिल्ली के एक अस्पताल में काम करने वाले डा अभिषेक सिंह ने अपनी एक महिला मित्र के साथ मिलकर रची थी। डा अभिषेक व उसकी महिला मित्र प्रीति नजफगढ़ इलाके में नांगलोई रोड स्थित राठौड़ अस्पताल में साथ में काम करते हैं। डा अभिषेक गोंडा का ही रहने वाला है और बहराइच जिले के पयागपुर इलाके में उसकी बुआ का घर है। बुआ के लड़के रोहित ने गौरव की रेकी की और उसकी सूचना अभिषेक तक पहुंचाई। फिर साजिश के तहत डाक्टर की महिला मित्र प्रीति ने गौरव को लगातार तीन चार दिन तक फोन कर अपने हनी ट्रैप में फंसाया। गौरव प्रीति से मिलने के लिए तैयार हुआ तो 18 जनवरी को प्रीति गौरव से मिलने के लिए उसके कालेज पहुंच गई। गौरव को फोन कर कालेज से बाहर बुलाया गया। वहां डा अभिषेक और उसके दो अन्य साथियों ने गौरव को नशे का इंजेक्शन देकर उसका अपहरण कर लिया और उसे सीधे दिल्ली लेकर चले गए।
जिस मोबाइल नंबर से मांगी फिरौती वह नंबर संतकबीरनगर का निकला
गोंडा। पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय के मुताबिक जब पुलिस ने गौरव की तलाश शुरू की और संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई तो वह संतकबीरनगर जिले का निकला। इस पर पुलिस सक्रिय हुई और संबंधित नंबर पर जिन जिन नंबरों से बात हो रही थी उसे खंगालने का काम शुरू किया गया तो इसका कनेक्शन दिल्ली का निकला। इस पर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तत्काल नोएडा पहुंची और वहां एसटीएफ व स्थानीय पुलिस से संपर्क कर अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया।
नोएडा से आगरा भागने की फिराक में थे अपहरणकर्ता
गोंडा। मेरठ क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक कुलदीप नारायण ने जब इसकी मानिटरिंग शुरु की तो मोबाइल सर्विंलांस से पता चला कि गौरव के अपहरणकर्ता दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में मौजूद हैं। इस सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्र, सीओ विनोद कुमार सिंह,  निरीक्षक सौरभ विक्रम सिंह उपनिरीक्षक राकेश कुमार सिंह व उपनिरीक्षक ब्रम्हप्रकाश की एक टीम अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई। पुलिस टीम को पता चला कि अपहरणकर्ता फिरौती के रुपए लेने के लिए एनसीआर क्षेत्र से लखनऊ की तरफ जाने वाले हैं। इस पर एसटीएफ व गोंडा पुलिस के संयुक्त टीम ने नोएडा आगरा एक्सप्रेस वे घेराबंदी की। पुलिस की इस घेराबंदी में संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार में सवार अपहरणकर्ता फंस गए और पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों डा अभिषेक,अंकित व नितेश को दबोच लिया गया। गाड़ी की पिछली सीट पर बिठाए गए गौरव को भी पुलिस टीम ने सकुशल बरामद कर लिया।
अपहरण की कहानी आरोपियों की जबानी
गोंडा। गौरव अपहरणकांड में दबोचे गए आरोपियों की यह पूरी वारदात किसी फिल्मी पटकथा की तरह है। पुलिस पूछताछ में डॉक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि वर्ष 2013-14 में उसने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंस बेंगलुरु से बीएएमएस पास किया। अभिषेक ने बताया कि जनपद बहराइच के पयागपुर में उसकी बुआ का घर है। बुआ का लड़का रोहित उसका दोस्त है। रोहित ने ही गौरव की जानकारी अभिषेक को दी। इसके बाद अभिषेक ने अपनी महिला मित्र डा प्रीति के साथ मिलकर गौरव के अपहरण की साजिश रची। इस साजिश में कुछ और लोगों को भी शामिल किया गया जिसमें नवाबगंज थाना क्षेत्र के सराय गांव के रहने वाले मोहित सिंह व राकेश सिंह भी है। इन सबसे रोहित व डा अभिषेक की जान पहचान है। मोहित सिंह करोल बाग में कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था। मोहित नजफगढ़ इलाके के एक जिम में जाता था वहीं उसकी पहचान नितेश से हुई। नितेश मुख्य रूप से बैंक फ्रॉड इंश्योरेंस प्लान करने का काम करता है और उससे जुड़े हुए लड़के इंश्योरेंस व होम लोन के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। डा अभिषेक ने इन सबको अपने प्लान मे शामिल किया। इसके बाद फेक आईडी पर जारी कराए गए सिम के जरिए डा प्रीति ने गौरव को हनी ट्रैप में फंसाने का खेल शुरू किया। प्रीति ने दो-तीन दिन में ही गौरव हालदार को गोंडा में कहीं मिलने के लिए राजी कर लिया। 17 जनवरी को डॉ अभिषेक सिंह अपनी स्विफ्ट डिजायर से रोहित,मोहित सिंह, नितेश व डा प्रीति के साथ दिल्ली से निकला और 18 जनवरी की सुबह सभी लखनऊ पहुंच गए।वहां पर रोहित उतरकर बस से गोरखपुर की तरफ चला गया जबकि अन्य जिलों के लोग गोंडा पहुंच गए। गोंडा पहुंचने पर प्रीति ने एक राहगीर से फोन लेकर गौरव को फोन किया और उसे मिलने के बहाने कालेज से बाहर बुलाकर उसका अपहरण कर लिया गया।
                गोंडा नगर कोतवाली क्षेत्र के एससीपीएम पैरामेडिकल कालेज में पढ़ने वाले छात्र गौरव जिसका अपहरण 18 जनवरी को हुआ था। इस घटना का सफल अनावरण यूपी एसटीएफ व गोंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने किया है। इसमें यहां नोएडा में तीन अपराधी अरेस्ट किए गए हैं जबकि इनके दो साथी जनपद संतकबीरनगर में अरेस्ट किए गए हैं। इस घटना को अंजाम डा अभिषेक नाम के एक अपराधी ने दिया जो गोंडा का ही रहने वाला है परंतु दिल्ली के एक हास्पिटल में काम करता है। पकड़े गए अपराधियों के पास से एक स्विफ्ट डिजायन कार, असलहा व मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

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