Gonda News:गरीबो के हिस्से का खाद्यान्न एक बार फिर सिंडीकेट खाद्यान्न माफियो के चंगुल में,25टन चावल से भरी ट्रक बरामद,जांच के लिए टीम गठित

राम नरायन जायसवाल /बी.के.ओझा

गोण्डा।खुले बाजार में बिकने जा रही कोटे का   खाद्यान्न से भरी ट्रक पल्टी मौके पर पूर्ति निरीक्षक सहित नयाब तहसीलदार ने पहुंच कर ट्रक को अंडर कस्टडी में लेकर छपिया थाने के सुपुर्द किया है लगभग 25 टन चावल लदा है खाद्यान्न माफियो का सिंडीकेट एक बार फिर गोण्डा में पकड रहा है जोड डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच की बात कही है। 

बताते चले गोण्डा गोण्डा में  खाद्यान्न माफियो का सिंडीकेट का एक बार फिर मामला प्रकाश में आने के बाद जिले में हडकम्प मच गया है। लाक डाउन के चलते सरकार गरीबों जरूरतमंदो पर इस कदर मेहरबान हुई की एक माह दो बार खाद्यान्न ओ भी बिना पैसे का इस पर नजर गडाये बैठे  सिंडीकेट खाद्यान्न माफियो ने सरकारी तंत्र की मिली भगत से गरीबों के हिस्से का खाद्यान्न एक बार फिर हासिल करने में सफलता हासिल कर राशन कार्ड धारको को न देकर खुले मार्केट में बेचने का मामला प्रकाश में आया है। 

मिली जानकारी के अनुसार विकास खण्ड छपिया के रानीजोत निवासी सिंडीकेट खाद्यान्न माफिया विनोद कुमार गुप्ता के द्वारा बृहस्पतिवार को कोटेदारो से खरीदे गये 320 बोरी चावल 16टन एक ट्रक पर लाद कर मसकनवा बाजार धर्म काँटा कराने गया था ट्रक कांटे के सामने पलट गयी।शुक्रवार को सुबह  खाद्यान्न को दूसरे ट्रक पर लादेन के लिए पलटी कराते समय मामला सामने आया कि यह बोरियो पर उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्यय विभाग की मोहरे लगी है किसी ने सूचना दी तो मौके पर पूर्ति निरीक्षक छपिया महेश कुमार पहुंच ट्रक को छपिया थाने पहुंचवा कर मामले की जानकारी की तो ट्रक ड्राइवर ने जय बाला जी ट्रेडिंग कम्पनी फूड मर्चेंट कमीशन एजेंट की एक बिल्टी दिखाया है जिसमे कामन चावल 320 बोरी मूल्य 4लाख98 हजार बारह रूपये पचास पैसे जो गोण्डा मंडी एजेंट कौशल मिश्रा को भेजा जा रहा। जबकि सारे चावल प्रदेश सरकार के खाद्यान्न विभाग की बोरियो में भरे है। यही नही ट्रक में लगभग 500 बोरी चावल है जो लगभग 25टन है।320 बोरियो के बाद और जो चावल की बोरिया है वह मछली बाजार से किसी खाद्यान्न माफिया के यहाँ से लादी गयी थी। सारे खाद्यान्न सरकारी वोरियो में है।

वही पूर्ति निरीक्षक छपिया महेश कुमार ने बताया है कि जांच की जा रही है। 

एसडीएम मनकापुर हीरा लाल ने बताया है कि ट्रक को कब्जे में लेकर एक जांच टीम गठित की गयी है जिसमें राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार मदन मोहन गुप्ता पूर्ति विभाग से पूर्ति निरीक्षक छपिया महेश कुमार वर्मा तथा मण्डी समिति को भी टीम में शामिल किया गया है इसके साथ खाद्यान्न माफियो की सिंडीकेट की जड़े इतनी मजबूत है कि एसडीएम ने यह भी कहा कि कोई जरूरी नही की सरकारी खाद्यान्न के बोरियो में रखे खाद्यान्न सरकारी ही हो सकते है।  

जिस फर्म के द्वारा चावल का बाऊचर लगाया गया है न ही उसके पास कोई राइस मिल है नही छपिया विकास खण्ड धान का बेल्ट यहाँ के किसानों का मुख्य खेती गन्ने की है फिर यह चावल गरीबों के हिस्से का ही है। 

गोण्डा एक बार फिर सिंडीकेट  खाद्यान्न माफियो के चंगुल में जकड़ रहा है योगी के कार्य काल मे ही डीएम तक इस सिंडीकेट के चंगुल में फस कर कुर्सी गवानी पडी थी। 

गोण्डा डीएम के संज्ञान में मामला आते ही मजिस्ट्रेटी जांच की बात कही है। अब देखना यह है कि डीएम की मजिस्ट्रेटी जांच में खाद्यान्न माफियो का सिंडीकेट कितना कारगर होगा।  

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