Gonda News:ग्यारहवां दिन भी आन्दोलित रहे अधिवक्ता,भारत रत्न डाँ राजेन्द्र प्रसाद जी के जयन्ती पर गोष्ठी

भारत रत्न डाँ राजेन्द्र प्रसाद जी के जयन्ती पर जिला बार एसोसिएशन सभागार मे अधिवक्ता दिवस समारोह पर एक गोष्ठी आयोजित हुई, 

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। मुंसिफ न्यायालय व ग्राम न्यायालय स्थापना के  विरोध  में   चल रहा है अधिवक्ताओं का आन्दोलन  ग्यारहवां दिन भी रहा जारी ,जिला बार व सिविल बार एसोसिएशन के  संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओ ने अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी, वीरेंद्र त्रिपाठी एवं महामंत्री मनोज कुमार सिंह,प्रदीप कुमार पाण्डेय के  नेतृत्व मे  ग्यारहवां दिन वृहस्पतिवार को डी एम  कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।

वरिष्ठअधिवक्ताओं ने अपने सम्बोधन मे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तीनों तहसीलो मे न्यायिक प्रक्रिया संचालित नही हो सकती है। यदि ग्राम न्यायालय के नाम पर तीनों तहसीलो पर मुंसिफ न्यायालय कायम की जाती है तो न तो न्यायालय की गरिमा बचेगी और न ही पीठासीन अधिकारी ही सुरक्षित रहेंगे। 

बृहस्पतिवार  के धरना-प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी गेट पर  उत्साहित अधिवक्ताओ ने पूर्ण रूपेण से लाकडाउन बनाकर  जनमानस के साथ एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन करते हुए देखे गये, साथ ही आज धरना-प्रदर्शन के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल डी एम गोण्डा से मिलकर एक ज्ञापन भी दिया साथ ही चल रहे धरना-प्रदर्शन पर ध्यान आकर्षित कराते हुए तहसीलो पर व्यापक व्याप्त राजनीतिक हस्तक्षेप एवं सत्तासीन नेताओ के हस्ताक्षेप को नकारा नही जा सकता है ,इस अधिनियम की मंसा से पूर्ण रूपेण परे है ।

इसलिए ग्राम न्यायालय- मुंसिफ न्यायालय की स्थापना से जहां गरीबो के न्याय से बंचित होना पड़ेगा ,वही गरीब मजलूम की जमीर- जमीन पर डाका डालने मे सत्तासीन लोग सफल होते नजर आएगें, फिल्मी दुनिया की  न्याय व्यवस्था बनकर रह जाएगी, अगर यह न्यायालय उनके गृह होम की तहसील मे स्थापित होती है तो,इस वार्ता के दौरान डीएम गोण्डा ने प्रतिनिधिमंडल  के इस ज्ञापन पर हर बिन्दुवार आवश्यक कार्रवाई करने का अश्वासन दिया साथ ही पूरे प्रकरण के लिए डी जे को जिम्मेदार होना बताया।

धरना-प्रदर्शन के बाद धरनास्थल से सीधे सभी अधिवक्ता डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद पार्क मे स्थित उनकी प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाकर उनकी याद मे उनकी जयन्ती पर बार एसोसिएशन सभागार मे एक गोष्ठी का आयोजन कर वर्तमान समय मे जनपद गोण्डा के परिध मे ग्राम न्यायालय की सार्थकता पर विचार गोष्ठी की, आजादी के बाद बने कानून प्रक्रिया के तहत संरपच को बहुत ही अधिकार दिये गये थे, परन्तु उनके दुरुपयोग से उसमे संशोधन कर न्याय व्यावस्था की वर्तमान स्थित तैयार हुई है।

लेकिन वर्तमान सरकार अपने सुविधाजनक बनाने के लिए इस न्याय व्वास्था को अपंग करने की होड सी लग गयी है,सभा का संचालन संयुक्त रूप से प्रदीप कुमार पाण्डेय व मनोज कुमार सिंह ने किया और आभार प्रदर्शन वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार पाण्डेय ने किया।  

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