Gonda Mankapur News:न्यू कलेंडर वर्ष 2021 की पूर्व संध्या से पहले आयोजित हुई काव्य -गोष्ठी

बी.के.ओझा

मनकापुर ,गोण्डा। नये कलेंडर वर्ष 2021 की पूर्व संध्या के एक दिन पहले 30 दिसम्बर बुधवार को आई टी आई संचार विहार मनकापुर के कालोनी परिसर में शाम को एक काव्य-गोष्ठी आयोजित की गयी। कवि पं.राम हौसिला शर्मा की अध्यक्षता एवं कवि राम कुमार नारद के संचालन में हुई इस काव्य-गोष्ठी की शुरूआत कवि ईश्वर चन्द्र मेहदावली द्वारा माँ वाणी की वन्दना कर की गई। यह काव्य-गोष्ठी मशहूर शायरा इशरत सुल्ताना के संयोजन में आयोजित की गई। काव्य-गोष्ठी में गीतों के राजकुमार डा0 धीरज श्रीवास्तव ने पढ़ा – बात गांव में हो रही, मगरू है हैरान। कौवा लेकर क्यों उड़ा, रामलाल का कान। कवि एवं मीडिया प्रभारी राम लखन वर्मा ने जीवन का एहसास कराते हुए पढ़ा – खोकर पाने का मजा ही कुछ और है। रोकर मुस्कराने का मजा ही कुछ और है। अवधी भाषा में श्रंगार रस के गीतकार चन्द्रगत भारती ने पढ़ा- आय मजा न शहर मा कबहूँ, तंदूरी संग बोटी मा। स्वाद जवन ऊ रहा कसम से चूल्हा वाली रोटी मा। मशहूर गजलकार एवं शायरा इशरत सुल्ताना ने गजल पढ़ते हुए कहा- नये साल की नई फिजाएं देती है पैगाम। रोजी रोटी मिल जाय तो खुश हो ये आवाम। हास्य  कवि केदार नाथ मिश्रा ने कहा- फेल भये हिंदी मा लड़िके कोई न पढ़ो पढ़ाई। घर वाले सब परेशान है मिले न येकर दवाई। काव्य-गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे कवि पण्डित राम हौसिला शर्मा ने पढ़ा-आज मानव मन शिला का रूप लेता जा रहा। स्नेह, शील, उदारता सब कुछ वो खोता जा रहा। मनकापुर से पधारे कवि राम कुमार नारद ने अपनी रचना पढ़ी। उपस्थित  श्रोताओं ने नये कलेंडर वर्ष 2021आगमन से एक दिन पहले ही गीतों एवं गजलों का भरपूर आनंद लिया।

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