Lakhimpur Kheri News:डीएम ने तहसील धौराहरा के सात राजस्व ग्राम की खतौनी पुनरीक्षण, अंश निर्धारण कार्यक्रम संचालन की दी स्वीकृति, जारी किया कार्यक्रम

एन.के.मिश्रा 

लखीमपुर खीरी। उप्र राजस्व संहिता 2006 की धारा 31 की उपधारा 2 एवं उप्र राज्य संहिता नियमावली के नियम 28 के उप नियम एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने जनपद खीरी की तहसील धौराहरा के राजस्व ग्राम- खतौनी  कोड सहित समदहा-136635 रैनी-136636, बम्होरी-136633, सिरसी-136667, सरैया-136629,मिदनिया-136732, पटिहन-135122 को चकबंदी प्रक्रिया से वापस प्राप्त राजस्व ग्राम की खतौनी के पुनरीक्षण व खतौनी में अंकित प्रत्येक खातेदार एवं सहखातेदार के गाटों के अंश निर्धारण करने हेतु  समय सारणी जारी करके खतौनी पुनरीक्षण एवं अंश निर्धारण कार्यक्रम का संचालन प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की।
*खतौनी पुनरीक्षण एवं अंश निर्धारण कार्यक्रम समय सारणी :*
15 नवंबर से 22 नवंबर तक डीएम द्वारा जनपद के राजस्व ग्रामों की खतौनी के पुनरीक्षण एवं उनमें दर्ज खातेदारो/सहखातेदारों के अंश निर्धारण हेतु सूचना का प्रकाशन किया जाएगा।
23 नवंबर से 14 दिसंबर तक खतौनी में दर्ज खातेदारों/सहखातेदारों के खातावार एवं गाटा नंबरवार अंश को प्रारंभिक रूप से सहखातेदारों एवं ग्राम राजस्व समिति के परामर्श से लेखपाल द्वारा आकार पत्र ख0पु0-2 में तैयार किया जाएगा।
15 दिसंबर से 31 दिसंबर के मध्य लेखपाल द्वारा खतौनी में सहखातेदारों एक गाटा नंबरवार प्रस्तावित अंश के उद्धरण में आकार पत्र ख0पु0-3 में तैयार किया जाना व राजस्व निरीक्षक द्वारा सभी खातेदारों सह खातेदारों को आरसी प्रपत्र 8 में नोटिस जारी कर लेखपाल के जरिए तामील कराया जाएगा। एक जनवरी से 15 जनवरी के मध्य खातेदार/सहखातेदार द्वारा प्रारंभिक रूप से किए गए अंश के निर्धारण के विरुद्ध आपत्ति शुद्धीकरण हेतु आकार पत्र ख0पु0-3 में विवरण अंकित करते हुए यथा आवश्यक अभिलेखों प्रमाण सहित संबंधित लेखपाल अथवा राजस्व निरीक्षक अथवा रजिस्टार कानूनगो को प्राप्त कराया जाना है। 16 जनवरी से 31 जनवरी के मध्य राजस्व निरीक्षक द्वारा ग्राम राजस्व समिति से परामर्श स्थानीय जांच पड़ताल एवं पक्षों के मध्य सुलह समझौते के आधार पर आपत्तियों का निस्तारण कर अनशन निर्धारण आदेश पारित किया जाएगा। एक फरवरी से 15 फरवरी के बीच खातेदार/सहखातेदारों की आपत्तियों को राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत उप जिलाधिकारी को निर्णय हेतु अग्रसारित किया जाएगा।

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