Gonda Colonelganj News: स्वास्थय विभाग की लापरवाही के चलते कोरोना पॉजिटिव लेखपाल 30 घंटे एम्बुलेंस का इन्तजार करता है

सांंकेतिक चित्र

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज,गोण्डा । कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन कितना गंभीर है इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार को सीएचसी हलधरमऊ के अंर्तगत पड़ने वाले ग्राम पहाड़ापुर में देखने को मिला। 

मामला तहसील करनैलगंज से जुड़ा है। यहां तैनात एक लेखपाल जो कि पहले से ही कैंसर पीड़ित बताये जाते है। विगत दिनों अपनी जांच व दवा लेने लखनऊ गये हुए थे। वहीं पर उनका कोरोना का सेंपल लिया गया। जिसकी रिर्पोट शनिवार की रात में ही आ गई थी। पीड़ित को रविवार सुबह 9 बजे के आसपास बताया गया कि आप कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके है। आनन फानन में सूचना एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को भी दी गयी। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से तहसील को शील करते हुए लेखपाल के संपर्क में आये लोगों को कवारेंटिंन होने का फरमान तो जारी कर दिया। मगर लेखपाल को इलाज के लिए कहां जाना है इसका फैसला स्वास्थ्य विभाग नहीं ले सका। कोरोना पीड़ित लेखपाल सहित गांव के लोग बराबर सीएचसी अधीक्षक, सीएमओ व एसडीएम से संपर्क साधते रहे कि एम्बूलेंस कब आयेगी और कोरोना पीड़ित लेखपाल को अस्पताल पहुंचायेगी। इसका जबाब नही मिला बल्कि राह देखते देखते शाम हो गयी, एम्बूलेंस नहीं आयी। गांव वालों सहित परिजन पूरी रात अधिकारियों से संपर्क साधते रहे पर एम्बूलेंस का कहीं अता पता नही रहा। सोमवार को काफी प्रशासनिक जददोजहद के बाद दोपहर दो बजे कोरोना पीड़ित लेखपाल को ले जाने ऐबूलेंस आयी। और उसे गोंडा के एक निजी कोबिड अस्पताल ओ एन पाण्डेय के यहाँ  लेकर रवाना हो गयी। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के इस रवैये से लोगों में रोष है। 
करनैलगंज के एसडीएम ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि लेखपाल किसी तरह अस्पताल पहुंच गया यही काफी है। अब उसका इलाज तो चलेगा। तो वहीं हलधरमऊ सीएचसी अधीक्षक सन्त प्रताप वर्मा का कहना है कि चूंकि पीड़ित लेखपाल का इलाज लखनऊ से चल रहा था और वह पहले से ही कैंसर पीड़ित था इसलिए उसे वहीं शिफ्ट करने के लिए सीएमओ से बात की गयी थी। उसे जिले में शिफ्ट करा दिया गया है।

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