Gonda News:कटरा रेलवे स्टेशन पर कोयले का रैक लगाये जाने से लोगों को न्यूमोकोनियोसिस बीमार का बढा खतरा प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। कटरा शिवदयाल गंज के हजारों लोगों पर कोयले की रैक से उड़ रही कोल डस्ट से न्यूमोकोनियोसिस बीमारी का खतरा उत्पन्न हो गया है बीमारी की वजह कटरा रेलवे स्टेशन पर बनाए गए कोयले की रैक से है ,स्टेशन पर प्रतिदिन कोयले की लोडिंग अपलोडिंग की जाती है जिससे कोयले का डस्ट हवा में मिल कर आस पास के क्षेत्रों का वातावरण को प्रदूषित कर रहा है।

गुरुवार को कटरा शिवदयाल गंज के लोगों ने प्रदर्शन कर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व डीआरएम रेलवे को पत्र भेज कर कोयले के कारण बढ़ते प्रदूषण को रोकने की मांग की । गांव वालों ने बताया कि कोयले की रैक से उड़ने वाली डस्ट से जीना मुहाल हो गया है । कोयले का डस्ट हवा में घुल कर घरों के अंदर पहुँच जाता है,जिससे पूरे घरों में कोयले की डस्ट जम गई है । पानी अगर ढंक कर न रखा जाय तो तुरंत काला हो जाता है । हवा में कोल डस्ट घुल जाने से सांस लेने पर वह शरीर के अंदर जा जम जाता है जिससे शरीर में कई प्रकार की गंभीर बीमारी के उत्पन्न होने का खतरा पैदा हो गया है ।हालात यह है कि लोग खाने के साथ कोयले की डस्ट खा रहे हैं और पानी के साथ पी रहे हैं और उसी वातावरण में जी रहे हैं ।

हालात यह है कि जहाँ भी हाथ लग जाय कोयले की डस्ट हाथों में चिपक जाती है । रेलवे प्रशासन को कोयले से उड़ने वाली डस्ट लोगों को निजात दिलाने का प्रयास करना चाहिए ।

कोयले की रैक पर पानी की छींटे मारते रहना चाहिए नयी रैक ना बने जिससे प्रदूषण में कमी आये। ठेकेदार के द्वारा मनमानी तरीके से नयी रैक लगवाने पर रोक लगाई जाए, गांव के मोती लाल नें बताया कि एक घंटे में कपड़ा काला हो जाता है ।सांस लेने में दिक्कत होती है । सुभाष यादव ने कहा कि पेड़ पौधों में डस्ट जमा होने से उसकी पत्तियाँ तक काली हो गई है । श्रवन कुमार ने कहा कि शिवदयाल गंज के आस पास के क्षेत्र की करीब दस हजार से अधिक की आबादी के लोग इससे प्रभावित हैं इस मौके पर उपस्थित लोगों ने डीआरएम को पत्र लिखकर रेलवे के द्वारा एक नयी साइड शुरु करने की मांग की है।
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