Gonda News:कृषि महाविद्यालय कर्नलगंज का निर्माण कार्य पूरा न होने तथा गुणवत्ता खराब मिलने पर नाराज़ कृषि मंत्री ने परियोजना प्रबंधक व ठेकेदार के खिलाफ एफ़आईआर,दर्ज कराने व रिकवरी के आदेश

कृषि महाविद्यालय कर्नलगंज का निर्माण कार्य पूरा न होने तथा गुणवत्ता खराब मिलने पर नाराज़ कृषि मंत्री ने तकनीकी जांच के दिए आदेश

कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक व ठेकेदार के खिलाफ दर्ज होगी एफ़आईआर, होगी रिकबरी

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। सोमवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कृषि सूर्य प्रताप शाही ने विकासखण्ड कर्नलगंज में 28 करोड़ रूपए की लागत से निर्माणाधीन कृषि महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। वहां पर कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम द्वारा संतोषजनक कार्य न मिलने पर कृषि मंत्री ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबन्धक एस0पी0 खण्डूरी को जमकर फटकार लगाई तथा कार्य करा रहे ठेकेदार के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही को दिए हैं।

औचक निरीक्षण पर पहुंचे कृषि मंत्री को कृषि महाविद्यालय की साफ-सफाई तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब मिली जिस पर उन्होंने वहीं पर मौजूद कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। ज्ञात हुआ कि महाविद्यालय का निर्माण वर्ष 2015 से किया जा रहा है। कुल स्वीकृत लागत 28 करोड़ 06 लाख 74 हजार के सापेक्ष अब तक कार्यदायी संस्था को 16 करोड़ रूपए का बजट प्राप्त हो चुका है। परन्तु निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा निर्माण कार्य पूरा होने के पहले ही भवन खराब होना शुरू हो गया है। निरीक्षण के दौरान मिली घटिया क्वालिटी तथा रखरखाव पर कृषि मंत्री ने डीएम को निर्देश दिए कि तत्काल जिला स्तरीय टास्क फोर्स की तीन सदस्यीय इन्जीनियर्स की टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच कराकर सम्बन्धित कार्यदायी संस्था तथा ठेकेदार के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज कराएं तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की वसूली कराई जाय। महाविद्यालय परिसर में निर्माणाीन मत्स्य केन्द्र का कार्य अधूरा तथा मानकहीन मिलने पर कृषि मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए उसकी भी जांच तकनीकी टीम से कराकर रिपोर्ट देने तथा दोषी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए हैं।
जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने बताया कि कृषि मंत्री के निर्देशानुसार निर्माणाधीन कृषि महाविद्यालय व मत्स्य केन्द्र की गुणवत्ता तथा व्यय की जांच कराने के लिए जनपद स्तरीय तीन इन्जीनियर्स की कमेटी गठित करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता व सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच रिपोर्ट आने के बाद सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के अधिकारी तथा सम्बन्धित ठेकेदार के विरूद्ध एफ़आईआर दर्ज कराने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी निर्माण कार्यों व किसी प्रकार के विकास कार्य में मानकों की अनदेखी व भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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