Lakhimpur Kheri News:कच्ची शराब की कुप्रथा को उखाड़ फेंकने का ले संकल्प, एनआरएलएम से जुड़कर स्वावलंबी-आत्मनिर्भर बने महिलाएं : डीएम

एनआरएलएम से जुड़े महिलाएं, बने आत्मनिर्भर-सवारे जिंदगी

आजीविका के लिए मील का पत्थर साबित होगा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन

एन.के.मिश्रा

लखीमपुर खीरी । तहसील व ब्लॉक मोहम्मदी के ग्राम पालचक के परिषदीय विद्यालय में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में कच्ची-नकली शराब के धंधे में लिप्त महिलाओं को एनआरएलएम से जोड़कर स्वाबलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए न केवल प्रेरित किया। बल्कि इससे होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने गांव की महिलाएं इस मुहिम से जुड़कर स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनेंगी। महिलाओ के सम्मान व आर्थिक उन्नति के साथ सामाजिक व मानसिक उन्नति होगी। इस उद्देश्य को लेकर आपके गांव में स्वयं सहायता समूहों का सृजन किया जा रहा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर पसंदीदा व्यवसाय करे ताकि प्रगति के मार्ग प्रशस्त हो। इस मिशन से जुड़कर संकल्प लें कि गांव से नकली शराब की कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेकेगे। ऐसा काम नहीं करना चाहिए। जिससे इंसान अपनी ही नजरों में गिर जाए। आपकी गलती से किसी की जान जा सकती है। इसलिए स्वयं सहायता समूह से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त कर कानून सम्मत कार्य करें। जिससे आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 में बिना किसी प्रलोभन के जाति धर्म से ऊपर उठकर वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए सही व्यक्ति का चयन करें।सीडीओ अरविंद सिंह ने कहा कि इस गांव में अवैध रूप से शराब बनने के कारण प्रवर्तन का भी कार्य तेजी से होता है। जिससे आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस मिशन से गांव की माताओं-बहनों को दिशा देकर निपुणता के साथ अन्य रोजगार परक कार्यों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए इस गांव में 08 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा। इन समूहों से महिलाएं मनपसंद कार्यों की ट्रेनिंग लेकर रोजगार परक कार्यों में सम्मान के साथ जीवन जीकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगी। आपसब ने इस सोच को अपनाया। इसके लिए अभिनंदन-स्वागत है। इस मिशन से जुड़कर महिलाएं आगे बढ़कर देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।एसडीएम स्वाति शुक्ला ने कहा कि गांव में लोगों ने कच्ची शराब के धंधे को आजीविका का साधन बना रखा। जिससे बदनामी का दंश भी झेल रहे। ना चाहते हुए भी बच्चे व उनके परिवारीजन भी इस धंधे में संलिप्त होते जा रहे। इस कुचक्र को तोड़ने में प्रशासन ने इन घरों की महिलाओं को एनआरएलएम समूहों से जोड़कर स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने महिलाओं से आवाहन किया कि गांव पर लगे इस कलंक को मिटाए। इस धंधे को छोड़कर आजीविका के अन्य साधनों चुने। तभी आपका सर्वांगीण विकास होगा।
कार्यक्रम की आवश्यकता व प्रासंगिकता के बारे में जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप दिनकर ने विस्तार से बताया। उपायुक्त स्वरोजगार अजय प्रताप सिंह ने उपस्थित मातृशक्ति का आह्वान किया कि मां जन्म देने वाली होती है बच्चे को पालने वाली होती है मां कभी विष नहीं बोती एक मां के रूप में आप सब का यह दायित्व है कि आप अपने पड़ोस में रहने वाले ऐसे अवैध व्यापार में लिप्त लोगों को समझाएं और उन्हें और उन्हें जीवन लेने के व्यापार से मुक्त कराते हुए सम्मानजनक जीवन जीने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ें। इस जागरूकता कार्यक्रम में डीडीओ अरविंद कुमार, जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप दिनकर, डीसी-एनआरएलएम अजय प्रताप सिंह, सीओ अभय प्रताप मल्ल सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद रही।

जागरूकता रैली को डीएम सीडीओ ने दिखाई हरी झंडी महिलाओं को लिया कच्ची शराब के धंधे से मुक्ति का संकल्प

डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीडीओ अरविंद सिंह के साथ गांव की महिलाओं की जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर कच्ची शराब के धंधे से मुक्ति का संकल्प दिलाकर रवाना किया। महिलाओं की यह जागरूकता रैली गांव के गलियारों से होकर गुजरी। इन महिलाओं के हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां थामे हुए थी। इस जागरूकता रैली मे सैकड़ो की संख्या में महिलाएं शामिल हुई।

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