Lakhimpur- Kheri-News:विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ कार्यक्रम

वेबीनार के माध्यम से जिले के 15 विद्यालयों के चयनित शिक्षक एवं छात्र छात्राएं हुए शामिल


तनाव प्रबंधन के लिए रखें सकारात्मक सोच, करें नियमित व्यायाम : डीएम

एन.के.मिश्रा
लखीमपुर-खीरी। शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक वेबीनार का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल और मनोचिकित्सक डॉक्टर अखिलेश शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 15 प्रतिष्ठित स्कूलों के चयनित शिक्षक व छात्र-छात्राएं ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से शामिल हुए।कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना के चलते मानसिक बीमारियां बढ़ी हैं। परीक्षाएं होने के चलते बहुत से बच्चे मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर संघर्ष करना चाहिए। जिस तरह सड़क पर पड़ा एक पत्थर तराशे जाने के बाद एक मूर्ति बन कर मंदिर में स्थापित होता है और लोग उसकी पूजा करते हैं, लेकिन इसके लिए उसे बहुत ज्यादा चोट खानी पड़ती है। उसका यह संघर्ष ही उसे ईश्वर का दर्जा दिला देता है। तनाव किसी को भी हो सकता है और करीब-करीब सभी स्ट्रेस से पीड़ित हैं, परंतु जब यह अधिक हो जाता है तब प्रॉब्लम उत्पन्न होती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप अपने हाथ को काफी देर तक सीधा रखें तो कुछ देर बाद आपका शरीर जवाब देने लगता है इसी तरह लगातार स्ट्रेस बना रहने से प्रॉब्लम हो जाती है। अपने स्ट्रेस को मिनिमाइज करने की कोशिश करें। बहुत से ऐसे बच्चे हमारे साथ जुड़े होंगे जो अपने कैरियर के उस मुकाम पर होंगे जो अपने कैरियर के बारे में निर्णय ले चुके होंगे परंतु बहुत से ऐसे भी होंगे जो अभी कंफ्यूज होंगे कि हम क्या करें क्या न करें? माता-पिता का भी दायित्व है कि बच्चों के इंटरेस्ट को जाने कि वे क्या करना चाहते हैं और उसमें उन्हें सपोर्ट करें। अगर इंट्रेरेस्ट से अलग होकर बच्चों पर कुछ थोपा जाएगा तो निश्चित तौर पर बच्चे परेशान होंगे। मैं माता-पिता से अनुरोध करता हूं कि वह इस बात का ख्याल रखें। पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल एक्टिविटीज भी जरूरी हैं, फिटनेस बहुत जरूरी है। स्ट्रेस को कम करने में फिटनेस का भी अहम रोल है। अगर आप व्यायाम करने के बाद भी अनफिट हैं, तनाव का शिकार हो गए हैं, तनाव पर कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में मनोचिकित्सक से मिले उनसे जो एडवाइज मिले उसका पालन करें। अगर जरूरत लगता है तो दवाओं का सेवन करें।वहीं कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि बच्चे अगर तनाव का शिकार हैं तो घर वालों को उन्हें समझना चाहिए, उनकी मदद करनी चाहिए और अगर उन्हें किसी बात की परेशानी होती है तो इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काउंसलर हैं, आप उनसे संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक जिला अस्पताल और एक जिला महिला अस्पताल में भी काउंसलर तैनात है। यह सभी काउंसलर प्रत्येक माह आठ स्कूलों में विजिट करते हैं। अगर इनकी जरूरत महसूस होती है तो स्कूल प्रबंधन संपर्क कर सकता है। इसके साथ ही अगर मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला मौजूद हैं। इनसे आप इनके मोबाइल नंबर 9336503562 पर संपर्क कर सकते हैं इसी के साथ-साथ जिला अस्पताल में मन कक्ष स्थापित है यहां के हेल्पलाइन नंबर 05872273962 पर भी संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सक्रिय रहता है। यहां मौजूद काउंसलर आपको आपके बच्चे के लिए उचित परामर्श देंगे।
इसके उपरांत मनोचिकित्सक डॉ०अखिलेश शुक्ला ने ऑनलाइन पूछे जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आपको सकारात्मक विचार रखने चाहिए, वार्तालाप, संवाद का आदान-प्रदान, व्यायाम, अच्छा और पौष्टिक आहार, नशे से दूरी, अपनी क्षमताओं का अवलोकन, सकारात्मक एक्टिविटीज पर ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान  शिक्षक व छात्र छात्राओं द्वारा 100 से अधिक प्रश्न पूछे गए, जिनका जवाब मनोचिकित्सक द्वारा दिया गया। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि आज भारत में करीब 09 करोड़ लोग मानसिक रोगों से पीड़ित हैं। एक अनुमान के अनुसार देश में 2020 तक 20 प्रतिशत आबादी मनोरोग से ग्रसित हो सकती है। ऐसे में हम सभी को इस पर सकारात्मक सोच रखते हुए अपने को फिट रखने की जरूरत है। अगर आवश्यकता पड़े तो तत्काल मनोरोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। कार्यक्रम की थीम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मनो रोगियों के प्रति दया भावना रखनी चाहिए। वहीं दूसरी थीम एग्जामिनेशन स्ट्रेस मैनेजमेंट पर उन्होंने बताया कि बहुत से बच्चे परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं ऐसे में उन्हें भी अधिक तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है, अगर उन्हें कुछ याद नहीं हो रहा है तो लगातार अभ्यास से सब कुछ किया जा सकता है। एक शेड्यूल बना कर अपने कार्य को करें, जो आपकी समस्याओं को काफी हद तक समाप्त कर देगा। इस दौरान एसीएमओ डॉ रवि दीक्षित, डॉ. आरके गुप्ता, विजय वर्मा, अतुल पांडे, विवेक मित्तल, देवनंदन श्रीवास्तव, पंकज जयसवाल व मयंक गौतम आदि हेल्थ वर्कर उपस्थित रहे।

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