Gonda Colonelganj News: महिला को निर्वस्त्र करने का प्रयास एवं लाठियों से उसकी पिटाई के प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया एक पक्षीय कार्यवाई को लेकर अधिवक्ताओं ने लखनऊ मार्ग किया जाम

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज,गोण्डा । करनैलगंज क्षेत्र में एक महिला को निर्वस्त्र करने का प्रयास एवं लाठियों से उसकी पिटाई के प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। महिला की तहरीर पर नामजद किए गए आरोपियों के पक्ष में करनैलगंज तहसील के अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं और अधिवक्ता साथी व उसके परिवार को पुलिस द्वारा नाजायज तरीके से फसाने एवं उसके परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को अधिवक्ताओं ने मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया।    

कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम गोनवा के मजरा सूबेदार पुरवा में महिला की पिटाई प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को तहसील के सैकड़ो अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता के परिजनों के विरुद्ध महिला की तहरीर पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए गोंडा लखनऊ मार्ग को जाम करके जमकर बवाल काटा और प्रदर्शन किया।
 सोमवार को तहसील खुलते ही तहसील के सभी अधिवक्ता लामबन्द होकर गोंडा-लखनऊ राजमार्ग पर नारेबाजी करते हुए पहुँच गये। अपर पुलिस अधीक्षक समेत कोतवाल व हल्का दरोगा के विरुद्ध साथी अधिवक्ता व उसके परिजनों पर एकपक्षीय कार्रवाई किये जाने का आरोप लगाते हुये गोंडा-लखनऊ राजमार्ग पर प्रदर्शन किया तथा करीब एक घण्टे से अधिक समय तक रोड जाम रखा व जमकर नारेबाजी की। ग्राम पंचायत गोनवा के मजरा सूबेदार पुरवा में एक महिला के साथ मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें महिला ने गांव के ही चार लोगों द्वारा उसके बेटे की पिटाई का आरोप लगाते हुये मामला दर्ज कराया था। तथा कोतवाली पुलिस द्वारा मारपीट व महिला की पिटाई के मामले को एनसीआर में दर्ज किया था। जिसकी जांच करने के लिए रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ करनैलगंज व कोतवाल के साथ हल्का दरोगा मौके पर पहुंचे थे। तथा वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने व गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। जिसमें तहसील के एक अधिवक्ता व उसके परिजनों को भी आरोपी बनाया गया। मामले में आरोपी पक्ष के कुछ लोगों को पुलिस द्वारा थाने लाया गया था। प्रदर्शन कारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस हाथापाई में अधिवक्ता पक्ष लोगों को भी काफी चोटें आई। मगर पुलिस ने न तो उनका प्रार्थना पत्र लिया और ना ही मेडिकल करवाया।


 उक्त मामले मे तथा पक्षीय कार्रवाई करते हुये उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया गया। प्रकरण मे सोमवार को सुबह तहसील खुलते ही अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता के समर्थन में मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एक ज्ञापन भी एसडीएम को दिया जिसमें कहा गया है कि अधिवक्ता उग्रसेन मिश्रा को कोतवाली में तीन दिन तक बैठाए रखा गया। उसके परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता व मानसिक उत्पीड़न किया गया। आक्रोशित अधिवक़्ताओं ने दोषी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।

 तहसील अधिवक्ता संघ की अगुवाई में यह प्रदर्शन हुआ। जिसमे सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। मौके पर पहुँचे उप जिलाधिकारी ज्ञानचन्द्र गुप्ता को तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। मौके शांति व्यवस्था के लिए कोतवाल, एसएसआई, नगर चौकी प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा।

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