gonda colonelganj news:दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही के पहले ही मजिस्ट्रेटी जांच शुरु

 

मानवाधिकार आयोग के आदेश पर आईजी के द्वारा कराई गई जांच में करनैलगंज कोतवाल सहित छः पुलिस कर्मी मिले दोषी 
नामित मजिस्ट्रेट करनैलगंज एसडीएम ने शुरू की जांच 
दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही के पहले ही  कैबिनेट मंत्री श्रम एवं सेवायोजन के निर्देश पर मण्डला आयुक्त ने दिये मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश   
नामित मजिस्ट्रेट करनैलगंज एसडीएम ने शुरू की जांच कोतवाली प्रभारी व पीआरबी 112 सहित 11 पुलिस कर्मियों को भेजा नोटिस 
एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज,गोण्डा ।करनैलगंज  कोतवाली पुलिस द्वारा एक युवक को दो दिन तक थाने में बैठाने व कट्टा कारतूस बरामद दिखा कर जेल भेजने के मामले में नया मोड़ आ गया है।मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर  सीओ कैसरगंज बहराइच की जांच पर दोषी पाये जाने पर  आईजी द्वारा एसपी गोंडा को दिए गए कार्रवाई के निर्देश पर विराम लग गया है। अब मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश पर उपजिलाधिकारी करनैलगंज ने जांच शुरू की है।

बताते चले कि करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव चचरी के अद्रोण प्रताप सिंह उर्फ राजवीर सिंह को कोतवाली  पुलिस द्वारा 12 अगस्त को घर से उठाकर लाने के बाद दो दिन कोतवाली में बैठाने के बाद गलत ढंग से उसको कट्टा व एक जीवित कारतूस लगाकर 14 अगस्त को  जेल भेज दिया था गिरफ्तारी घर से न दिखाकर चचरी मार्ग पर बीबियापुर अवधूत नगर को जाने वाले तिराहे पर दिखाया था।
पीडित के चाचा देवेंद्र प्रताप सिंह ने मानवाधिकार में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में जांच किसी अन्य जिले से कराये  जाने की मांग की थी।मानवाधिकार आयोग के निर्देश के क्रम में आई जी देवीपाटन मण्डल डाक्टर राकेश सिंह ने जिसके संबंध में कमलेश कुमार सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी कैसरगंज बहराइच द्वारा जांच कराई गई। जिसमें पाया गया कि अद्रोण प्रताप सिंह को 12 अगस्त की रात्रि में उसके घर से करनैलगंज की पुलिस थाने पर लेकर गई तथा उपनिरीक्षक कौशल किशोर भार्गव, उप निरीक्षक बृजेश कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल गिरजा शंकर, हेड कांस्टेबल राजू सिंह व कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार द्वारा दिनांक 14 अगस्त को चचरी मार्ग पर बीबियापुर अवधूत नगर को जाने वाले तिराहे पर गिरफ्तारी व एक अदद तमंचा, एक अदद जिंदा कारतूस 12 बोर दिखाते हुए आर्म्स एक्ट का मुकदमा पंजीकृत किया था।
कोतवाली प्रभारी  निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह की जानकारी में किया गया। अद्रोण प्रताप सिंह को अनधिकृत रूप से थाने में रखने व मुकदमा पंजीकरण के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक बहराइच द्वारा आईजी देवीपाटन मण्डल  डाक्टर राकेश सिंह को भेजी गई  जांच आख्या में दोषी पाए गए अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश गोण्डा पुलिस  अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा  को  दिए थे।साथ ही साथ मानवाधिकार आयोग को भी जांच रिपोर्ट भेजा है।
इस कार्रवाई के बाद मामले में फंसे पुलिसकर्मियों के परिजनों की मांग पर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने आयुक्त देवीपाटन मण्डल को पत्र लिखकर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के कहा है। जिसपर आयुक्त ने डीएम गोंडा को पत्र भेजकर एसडीएम करनैलगंज से जांच कराने के निर्देश दिए। जिसपर एसडीएम ने जांच शुरू कर दिया है। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि जांच के सम्बंध में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक व पीआरबी 112 की टीम समेत 11 पुलिसकर्मियों के बयान लेने के लिए पत्र भेजा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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