Lakhimpur Kheri News:लखीमपुर हिंसा में आशीष मिश्रा मोनू की संलिप्तता पाई गई बेल खारिज : जिला जज

एन.के.मिश्रा

लखीमपुर खीरी।  तीन अक्टूबर को हुई लखीमपुर खीरी हिंसा के बहुचर्चित मामले में आज तीसरी बार मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्र मोनू पुत्र केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी व दो अन्य अभियुक्त लवकुश व आशीष पांडेय की जमानत याचिका पर दो घण्टे बहस हुई। जिला जज ने आदेश सुरक्षित कर लिया। शाम करीब छह बजे जिला जज ने तीनो अभियुक्तो की  जमानत खारिज कर दी । डीजीसी( क्राइम) अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने आदेश का हवाला देते हुए बताया कि आशीष मिश्रा मोनू की अपराध में संलिप्तता प्रतीत होती है। बैलेस्टिक रिपोर्ट में आशीष मिश्रा की राइफल व पिस्टल तथा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के नजदीकी ठेकेदार पूर्व मंत्री स्व अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास के रिवाल्वर व दास के गनर लतीफ की रिपीटर गन से फायर होना पाया गया है। एसडीएम गोला अखिलेश यादव व सीओ पुलिस गोला के बयान में भी मोनू की मौजूदगी घटना स्थल पर पाई गई है। साठ चश्मदीद गवाह हैं जिन्होंने मोनू की घटना स्थल पर मौजूदगी पाई है। योजनाबद्ध तरीके से अपराध कारित किया गया है। घटनास्थल वाले दिन ढाई से साढ़े तीन तक मोनू कहाँ रहे। इसका जवाब खुद मोनू नही दे पाए। थार ने तीन बज कर तीन मिनट पर पांच को कुचला है। जिनमे चार किसान व एक पत्रकार है। आदेश में मोनू की आपराधिक हिस्ट्री का भी उल्लेख है। घर मे घुस कर मारपीट करने के दो मामले पहले से दर्ज है। जिला जज ने आदेश में लिखा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनो की जमानत याचिका खारिज की जा रही है। इसके पूर्व अभियोजन की तरफ से वकील अरविंद त्रिपाठी ने पूंछा की ढाई से साढ़े तीन मोनू कहा थे तो बचाव पक्ष चुप रहा। बचाव पक्ष से हाईकोर्ट के अधिवक्ता सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि यह मामला 302 का है ही नही। अधिवक्ता अवधेश दुबे व अवधेश सिंह ने बचाव पक्ष की तरफ से बहस की। दर्जनों वकील कोर्टरूम में मौजूद थे। पूरे दिन जिले में इस मामले की चर्चा रही।

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