Gonda News:”दुबारा दिखाई दिए वकालत निकाल दूंगी”शब्द पर नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ आक्रोशित अधिवक्ताओं ने डीएम को सौपा ज्ञापन

नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।आरटीओ कार्यालय पर हुए छापेमारी के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने एक अधिवक्ता से अभद्रता करते हुए असंसदीय भाषा का प्रयोग कर कहा था कि “दोबार दिखाई पडे तो वकालत निकाल दूंगी जिसको लेकर बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक कर कार्य से विरक्त रहते हुए आक्रोशित   अधिवक्ताओं ने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय को घेराव कर चार सूत्रीय ज्ञापन ज़िलाधिकारी को सौपते हुए नगर मजिस्ट्रेट के स्थानांतरण तक विरोध जारी रखने की धमकी दी है। 

बुधवार को आरटीओ कार्यालय पर जिला अधिकारी डाक्टर नितिन बंसल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट वन्दना त्रिवेदी के अगुवाई में सीओ सिटी  लक्ष्मी कांत गौतम सहित भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की तो कार्यालय के बाहर दस संदिग्ध दलालों को पकड़ा गया तथा तीन मोटर साइकिलें व 01 अदद कम्प्यूटर भी जब्त किया गया है। पकड़े गए 10 लोगों में से 04 लोगों का धारा 151 के तहत चालान किया गया तथा 06 लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। वहीं पकड़ी गई मोटर साइकिल के स्वामियों के कागजात चेक करने के उपरान्त उनकी मोटर साइकिलें वापस कर दी गईं।इस छापे मारी के दौरान एआरटीओ प्रशासन संजीव सिंह भी शामिल थे। 

छापे मारी के दौरान गोण्डा बार एसोसिएशन के एक अधिवक्ता किसी कार्य बस आरटीओ कार्यालय गये थे सिटी मजिस्ट्रेट ने उनको भी रोक कर पूछताछ की अधिवक्ता ने अपना पूरा परिचय बताया उसके बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट वन्दना त्रिवेदी के द्वारा अधिवक्ता के साथ असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए यह कहा कि “दोबारा दिखाई पडे तो वकालत निकाल दूंगी। 

जिसको लेकर बृहस्पतिवार को एसोसिएशन गोण्डा संघ भवन में संयुक्त संघो की बैठक की गयी जिसकी अध्यक्षता बार एसोसिएशन गोण्डा अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी एवं सिविल बार के अध्यक्ष वीरेन्द्र त्रिपाठी ने  यह निर्णय लिया की सारे अधिवक्ता बृहस्पतिवार को अदालत के कार्यो से विरक्त रहेगे तथा जब तक सिटी मजिस्ट्रेट वन्दना त्रिवेदी का स्थांतरण नही हो जाता है तब इनका विरोध जारी रखेगे। 

जिसको लेकर भारी बरसात के बावजूद सैकड़ो की संख्या में मौजूद अधिवक्ताओं ने जलूस निकाल कर  सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट अपने चैंबर में चली गयी ।

इसके उपरान्त  अधिवक्ताओ ने चार सूत्रीय ज्ञापन  कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को सौंपा।जिसमे नगर मजिस्ट्रेट द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने की निंदा, सिटी मजिस्ट्रेट का बहिष्कार करने,आरटीओ आफिस मे भ्रष्टाचार रोकने और सिटी मजिस्ट्रेट के अभद्र व्यवहार के विरोध मे अधिवक्ताओं द्वारा एक दिन न्यायिक कार्य त्यागने संबधी प्रस्ताव शामिल रहे।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट दीनानाथ त्रिपाठी ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट व्यवहार और कार्यशैली अधिवक्ताओं के लिए अच्छा नही है।जब तक सिटी मजिस्ट्रेट का ट्रांसफर नही हो जाता तब तक अधिवक्ताओं  उनसे किसी कार्य का वास्ता नही रखेगा  उनके कार्यालय का स्थांतरण तक विरोध जारी रहेगा। बार एसोसिएशन  महामंत्री एडवोकेट मनोज कुमार सिंह ने कहा कि शासन ने अधिकारियों के लिए एक ड्रेस कोड निर्धारित है जिसका उल्लंघन सिटी मजिस्ट्रेट करती है।

ज्ञापन देने वालो मे अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन वीरेंद्र त्रिपाठी ,महामंत्री प्रदीप कुमार पांडेय सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

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