Gonda News:प्रशासन व सिंचाई विभाग ने कई सालों से विवाद में उलझे सरयू नहर के धनईपट्टी ब्रांच की भारी पुलिसबल समेत दर्जनभर जेसीबी व पोकलैंड से खुदाई शुरु कराई

रवि त्रिपाठी

गोंडा। प्रशासन व सिंचाई विभाग ने कई सालों से विवाद में उलझे सरयू नहर के धनईपट्टी ब्रांच की भारी पुलिसबल समेत दर्जनभर जेसीबी व पोकलैंड से आज सुबह परसपुर ब्लॉक की ग्रामपंचायत सालपुर धौताल में सरयू नहर के धनईपट्टी ब्रांच की भारी पुलिसबल समेत दर्जनभर जेसीबी व पोकलैंड । कई किसान हिम्मत जुटाकर एसडीएम से मिलकर फरियाद करना चाहे तो उन्हें डाटकर भगा दिया गया। भारी पुलिस बल गांव में देखकर ज्यादातर ग्रामीण डरे सहमे दिखाई पड़े।


तहसील प्रशासन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह 9 बजे परसपुर ब्लॉक की ग्रामपंचायत सालपुर धौताल में भारी पुलिस बल व दर्जनभर जेसीबी पोकलैंड समेत किसानों के खेतों पर धावा बोल दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सिंचाई विभाग ने सरयू नहर के खंड धनईपट्टी शाखा की बिना किसी पूर्व सूचना के आनन फानन में खोदाई शुरू करा दिया। अपने खेतों की अचानक खोदाई होते देख ज्यादातर किसान सकते में आ गये।

कई किसान हिम्मत जुटाकर करनैलगंज तहसील के नये एसडीएम हीरा लाल यादव व निवर्तमान एसडीएम शत्रुघ्न पाठक से मिलकर अपनी फरियाद करने का प्रयास किया।लेकिन उनकी एक न सुनी गई और उनको डाटकर वहां से भगा दिया गया। इससे निराश व असहाय किसान मेढ़ पर खड़े होकर अपने खेतों की खोदाई मूकदर्शक बनकर देखते रहे। भारी पुलिस बल देखकर सभी ग्रामीण डरे सहमे नजर आये।

कलावती देवी पत्नी सतीश यादव निवासी ग्रामपंचायत धानी के ग्राम धनखर की निवासी हैं। यहां की वह निवर्तमान प्रधान रह चुकी हैं।उन्होंने बताया कि उनका घर धानी ग्रामपंचायत के ग्राम धनखर में है।सिंचाई विभाग ने उनका घर व भूमि ग्रामपंचायत ठाकुरापुर में स्थित होना दिखाकर उनका खेत अधिग्रहीत कर लिया। उनसे न कोई बैनामा कराया गया और न ही उनको कोई समुचित मुवावजा ही दिया गया है। जमीन अधिग्रहीत कराने के लिये राम करन वर्मा नामक ग्राम प्रधान दिखाकर यहां की जमीन की अधिग्रहण की कार्यवाही पुरी कर दी गई।जबकि ग्रामीणों का कहना है यहां इस नाम का कोई व्यक्ति कभी प्रधान ही नहीं रहा है।

शान्ति देवी पत्नी राम नेग, वीरेन्द्र कुमार व मनोज कुमार पुत्रगण राम नेग निवासी ठाकुरापुर, राम यज्ञ पुत्र रामलखन, अशोक कुमार पुत्र राम यज्ञ, बेनी माधव सिंह,राजेन्द्र सिंह व वीरेन्द्र सिंह पुत्रगण गया प्रसाद सिंह निवासी सालपुर धौताल ने बताया कि उनके खेत का न उनसे बैनामा ही कराया गया और न कोई मुवावजा ही दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की संख्या चार दर्जन से ज्यादा है। इनमें से कई किसान हाई कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं और वहां मुकदमा चल रहा है। कई किसानों का कहना नहर खोदाई के लिए जो नक्शा पास हुआ था उससे अलग अगल बगल के खेतों की खोदाई की जा रही है। सिंचाई विभाग ने बिना उनकी सहमति के परिवार के मृतकों के नाम से भूमि का अधिग्रहण कर लिया। अब भारी फोर्स लेकर उनपर नाजायज दबाव बनाकर उनकी खेतों की खुदाई शुरू करा दिया है। इसतरह से यहां के किसानों के साथ शासन प्रशासन की ओर से बहुत अन्याय किया जा रहा है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि सरयू नहर की शाखा धनईपट्टी नहर की लंबाई 19 किलोमीटर की है। इसमें से 17.5 किलोमीटर नहर के हिस्से का निर्माण काफी पहले पूरा किया जा चुका है। धनईपट्टी मुख्य नहर से 9 नहर की शाखाएं हैं। इससे इसका कुल दायरा बढ़कर करीब 95 किलोमीटर का हो जाता है। बेलवानोहर,दुरगोंडवा,खरगूपुर, करनपुर,चांदपुर, लव्वाटेपरा,भटपुरवा, डिडिसिया कला, गोडवाघाट,ठाकुरापुर, धानीगांव,सालपुर धौताल, हाड़ियागाड़ा,सोनहरा,परसागोंड़री तक धनईपट्टी नहर का जाल फैला हुआ है। नहर का इस पूरे हिस्से का निर्माण काफी पहले ही पूरा कराया जा चुका है। ग्रामपंचायत परसागोंडरी के गांव शिवशंकरपुरवा के दर्जनों किसान सालभर से लगातार नहर खुदाई स्थल पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका अनेक राजनीतिक दल व संगठन समर्थन कर चुके हैं।

ठाकुरापुर से लेकर सालपुर धौताल होते हुए परसागोंड़री तक का करीब 1.5 किलोमीटर नहर का काम विवाद ज्यादा बढ़ जाने के चलते फंसा हुआ है।इससे इस हिस्से की खुदाई नहीं हो पा रही थी।इस नहर खण्ड के शुरुवाती दौर में बिना नहर खोदाई कराये ही 56 लाख रुपये डकार लिया गया।बाद में कई बार इसकी शिकायत हुई लेकिन अधिकारियों के स्तर पर इसकी कोई सुनुवाई नहीं हुई।काफी बाद में मामला हाई कोर्ट ले जाया गया तब जाकर न्याय मिला और हाई कोर्ट ने घपला की गई रकम का तीन गुना धनराशि एक करोड़ अस्सी लाख रुपये की रिकवरी करने का आदेश दिया।

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