Gonda News:बरसात के बीच नवजात शिशु का शव कब्र से तहसीलदार के मौजुदगी में निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

डीएनए टेस्ट के बाद गिर सकता है महिला पर गाज

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र ग्राम भटकहवा में महिला द्वारा गांव के खुशीराम पुत्र स्वर्गीय रामचंद्र को आपसी रंजिश के चलते बलात्कार के साथ ही गर्भवती होने की बात बताकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजवाया गया था। जिसे लेकर खुशीराम ने लिखित रूप से पैदा होने वाले बच्चे की डीएनए जांच की मांग की थी। आखिरकार डीएम गोण्डा के आदेश पर सदर तहसील गोण्डा की देख रेख मे डीएनए टेस्ट के लिए बच्चे का शव खोदकर जमीन से निकाला गया है।

बताते चलें कि दिनांक 25 मई को सीएचसी काजीदेवर मे महिला द्वारा जन्मे नवजात शिशु की अचानक मौत के बाद बच्चे को दफन करने के पहले खुशी राम के भाई शंकर लाल ने माँ द्वारा बच्चे की हत्या बताते हुए सीओ व मोतीगंज पुलिस तथा डायल 112 को सूचित करके शव को कब्जे में लेने की बात कही थी ताकि सारे राज खुल कर बाहर आ सकें। मौके पर डायल 112 पुलिस तो पहुंची मगर शव को दफनाने से रोकने की हिम्मत न कर सकी। पीड़ित के भाई ने अधिकारियों के साथ ही न्यायालय व उच्चन्यायालय का दरवाजा खटखटाया। आखिरकार मामले को लेकर जिलाधिकारी गोण्डा एक्शन में आ गए। परिणाम उन्होंने दिनांक 27 मई को बच्चे के शव को बाहर निकालकर शीघ्र ही डीएनए की जांच कराने हेतु तहसीलदार सदर गोण्डा डॉ0 पुष्कर मिश्रा को मैजिस्ट्रेट नामित करके उनकी देख रेख मे शव को बाहर निकालने का निर्देश दिया ताकि मामले को खुलासा हो सके। बताते चलें कि डीएम के निर्देश के अनुपालन मे दिनांक 28 मई दिन शुक्रवार को तहसीलदार सदर डॉ0 पुष्कर मिश्रा द्वारा थाना प्रभारी निरीक्षक मोतीगंज ब्रह्मानंद सिंह व कोहोब चौकी इंचार्ज भोला शंकर सिंह एवं पुलिस की मौजूदगी में शाम 4.30 बजे के करीब बच्चे के शव को जमीन से खुदवाया गया। तहसीलदार सदर के निर्देशन मे पुलिस द्वारा बच्चे के शव को सील करके जहां डीएनए टेस्ट हेतु पीएम के लिए भेजा गया है वहीं मृतक की माँ के चेहरे पर भी हवाईयां उड़ रही हैं। बहरहाल लोगों की नजरें डीएनए टेस्ट पर रुकी हुई हैं। अब देखना तो यह है कि जेल में बंद खुशी राम दोषी है या गुनाहों के तमाम गुनाहों मे ये महिला शामिल है।

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