Gonda Colonelganj News:ऑनलाइन शिविर के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने के लिए, विभिन्न संक्रमण व एलर्जी से बचने के लिए योगाभ्यास

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। तहसील करनैलगंज क्षेत्र चंगेरिया निवासी योगाचार्य आदर्श मिश्र ऑनलाइन शिविर के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने के लिए, विभिन्न संक्रमण व एलर्जी से बचने के लिए योगाभ्यास करा रहे हैं। योगाचार्य ने शिविर के दौरान सूत्रनेति व रबर नेति क्रिया का योगाभ्यास कराया। उन्होंने बताया इस क्रिया से जुकाम, नजला, सिरदर्द, अस्थमा, एलर्जी, ब्लडप्रेसर आदि से निजात मिलती है। जलनेति फेफडों के रोग, दमा, निमोनिया आदि रोग के लिये बहुत कारगर अभ्यास है।
👉सूत्रनेति योग की क्रिया
किसी भी योग केन्द्र से बनी बनायी सूत्र नेति प्राप्त कर लें। एक कटोरी गर्म पानी में सूत्र या रबर को धो लें। बाद में कागासन में बैठकर मुख को यथा सम्भव ऊपर उठाकर जो स्वर चल रहा हो उस नासा छिद्र में धीरे-धीरे रबर या सूत्र अन्दर की ओर डालें। जब यह कंठ में आ जाए तो तर्जनी व मध्यमा के सहयोग से मुख से बाहर लाएं। अब नेति के दोनों सिरों को दोनों हाथों से पकड़ कर 10-15 बार ऊपर-नीचे खीचें। इस प्रकार नेति चलाने से नासा मार्ग में घर्षण उत्पन्न होने से इस मार्ग की सफाई होती है। अब मुख मार्ग से सूत्र या रबड़ को धीरे-धीरे खींचकर बाहर निकाल लें। इस क्रिया को दूसरे नासा छिद्र में दोहराएं। यह क्रिया नित्य नियम से करनी चाहिए।
👉सूत्रनेति योगाभ्यास के लाभ
नेति क्रिया से नासिका मार्ग में जमा हुआ हानिकारक बलगम दूर होता है तथा श्लेष्मा झिल्ली स्वस्थ होती हैं। नेति की क्रिया से श्वसन प्रणाली के अवरोध दूर होते हैं और वह ठीक से कार्य करती है। यह आँख के लिए बहुत फायदेमंद है और अश्रु ग्रंथियों के कार्य में सुधार करती है। सूत्रनेति तंत्रिकाओं को सक्रिय करती है तथा इसके कार्य में स्फूर्ति लाती है। मस्तिष्क के घ्राण क्षेत्र के कार्य में सुधार करती है। इससे झिल्लियों एवं साइनस ग्रंथियों की मालिश होती है और साइनस को कम करने में मदद मिलती है। यह विषाणुओं के आक्रमण का प्रतिरोध बढ़ाती है। सूत्रनेति जमा हुए सूखे बलगम एवं बाहरी कणों को दूर करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *