Gonda Colonelganj News: पसका एसिड अटैक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है पसका के व्यापारियों व युवक के परिजनों ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख निष्पक्ष जांच कराने की मांग

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव में एसिड अटैक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब पसका के व्यापारियों व युवक के परिजनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पत्र में पुलिस द्वारा आरोपित युवक के एनकाउंटर का विरोध करते हुए युवक को फर्जी एनकाउंटर में फंसाने के साथ परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने पूरे मामले की सीबीआई अथवा विशेष टीम गठित कर मजिस्ट्रेट स्तर की जांच कराने की मांग की गई है। युवक के पिता भगेलू प्रसाद व मां लक्ष्मी देवी ने मांग पत्र में कहा गया है कि 12 अक्टूबर की रात पसका क्षेत्र में एसिड अटैक की हृदय विदारक घटना घटित होती है।

13 अक्टूबर को उसका पुत्र आशीष उर्फ छोटू अपनी बहन रेखा के घर विशेश्वरगंज बहराइच गया था। वह वापस आ रहा था कि रास्ते में पुलिस ने आर्य नगर कुकुर भगवा कस्बे के पास से उसे पकड़ लिया और सोनवारा करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसे एसिड एक्ट के मामले में मुख्य आरोपी बनाने के साथ-साथ पुलिस का द्वारा फर्जी मुठभेड़ दिखाने का कार्य किया गया।

उसके विरुद्ध धारा 307 व आर्म्स एक्ट में करनैलगंज में मुकदमा दर्ज किया गया। उसके पिता का कहना है कि 13 अक्टूबर को दिन में 12:30 बजे पसका से आशीष के दो भाइयों संगम लाल उर्फ संदीप व सुशील को पुलिस की अलग अलग गाड़ियों में बैठाया गया और छोटे भाई आशीष उर्फ छोटू की पहचान के लिए पुलिस की गाड़ी निकली। करनैलगंज तक पुलिस की दोनों गाड़ी साथ में थी।

फिर करनैलगंज से विशेश्वरगंज के लिए दोनों गाड़ी अलग-अलग रास्ते से निकली। एक गाड़ी में जिसमें संगम लाल को बैठाया गया था वह गाड़ी कुकुरभुकवा से विशेश्वरगंज के लिए निकली। जिस गाड़ी में सुशील बैठा था वह गाड़ी किसी दूसरे रास्ते से आर्य नगर कुकुर कुकुर होते हुए गई। कुकुरभुकवा के पास आशीष उर्फ छोटू को पुलिस वालों ने भाई के द्वारा पहचान करने पर गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान आशीष उर्फ छोटू के बड़े भाई संगम लाल ने की थी। उसे वहीं से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दूसरी गाड़ी में बैठा लिया।

जिस गाड़ी में सुशील बैठा था उस गाड़ी पर फोन करके बताया गया कि मुलजिम मिल गया है। फिर सुशील को कटरा थाने में लाकर बैठा दिया गया। पुलिस ने 4 किलोमीटर दूर उसी रोड पर लाने के बाद छोटू के भाई को उसी बाइक से परसपुर थाने एक सिपाही लेकर आया जो गाड़ी मुठभेड़ में दिखाई गई है। उसी गाड़ी से सिपाही को परसपुर भेजा गया और गाड़ी पर उसके बड़े भाई को बैठाकर थाने का तक भेजा गया।

उसी दिन देर शाम करीब 8:30 बजे सोनवारा गांव के पास पुलिस ने इस फर्जी मुठभेड़ को अंजाम देते हुए आशीष उर्फ छोटू के पैर में गोली मार दी और बाद में उसके विरुद्ध करनैलगंज कोतवाली में जानलेवा हमला करने एवं अवैध हथियार रखने का अभियोग पंजीकृत कराया गया।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए। मानवाधिकार आयोग व मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। इनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।

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