gonda colonelganj news: पौराणिक स्थल सकरौरा घाट पर बने मंदिरों का कोई पुरसाहाल नहीं

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज के पौराणिक स्थल सकरौरा घाट पर बने मंदिरों का कोई पुरसाहाल नहीं है। करीब 10 वर्ष पूर्व इस घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया था और उस समय मंदिरों की रंगाई पुताई होने के बाद से अब तक कोई इस घाट को देखने तक नहीं आया। लगभग आधा दर्जन मंदिर इस घाट पर बने हुए हैं। मगर उनका कोई पुरसाहाल नहीं है। मंदिर मरम्मत के अभाव में जर्जर एवं जीर्णशीर्ण हो चुके हैं। दो मंदिरों की मरम्मत एवं रंगाई पुताई का कार्य कुछ युवा वर्ग के लोगों ने कराया। मगर सबसे पुराने शिव मंदिर की स्थिति बेहद जर्जर है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन बड़ा मेला लगता है और हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। मगर शासन प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। जबकि इस सकरौरा घाट को पर्यटन स्थल बनाने की मांग कई बार हो चुकी है और इस पुराने सरयू घाट पर सरयू की धारा लाने के लिए भी प्रयास किया गया। मगर शासन या प्रशासनिक स्तर पर कोई भी सुविधा या घाट के सौंदर्यीकरण या विकसित करने का कार्य नहीं कराया गया। नमामि गंगे प्रकल्प के मुकेश कुमार वैश्य ने इस संबंध में जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व जिलाधिकारी को पत्र भेजकर घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने एवं मंदिरों के रखरखाव व मरम्मत कराने की मांग की है।

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