Gonda News:बुजुर्ग की हत्या के खुलासे को लेकर पीड़ित ने लगाया एस.ओ पर आरोप, निर्दोष भाई को ही बना दिया हत्यारा

पीड़ित छपिया  पुलिस खुलासे के विरूद्ध अदालत का दरवाजा खट-खटायेगा 

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। सीएम योगी का जहां सख्त निर्देश जारी है कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति सलाखों के पाछे न जाने पाए वहीं गोण्डा जिले के छपिया थाने मे कानून के रखवाले ही कानून की गरिमा को दागदार करने में लगे हुए हैं। चर्चा के मुताबिक यहां हत्या जैसे संगीन मामले मे भी निर्दोष को कसूरवार बनाकर हत्यारा घोषित कर दिया जाता है।

बताते चलें कि दिनांक 22 / 23 सितंबर की रात को थाना क्षेत्र के ग्राम मछमरवां मे बुजुर्ग राम बरन की हत्या कर दी गयी थी, जिसे लेकर मृतक के बेटे विनय कुमार ने थाने पर अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी थी और साथ ही जमीनी विवाद का एक मामला भी बताया था। मगर वहां तैनात थानेदार व दरोगा के खेल निराले निकले, पीड़ित का आरोप है कि जब वह मामले की जांच के पड़ताल हेतु कई बार थाने पर गया तो थानेदार बौखला उठे और बोले कि हत्यारे का नाम बताओ नही तो तुम्हे व तुम्हारे परिजन पर मुकदमा दर्ज करके जेल भेज देंगे। थानेदार का ये रवैया देख डरा सहमा पीड़ित कैबनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या व डीजीपी के पास पहुंचा और वहां थानेदार के घृणित कारनामो का चिट्ठा खोलते हुए अलग से विवेचना करवाने की बात कही,जो थानेदार को नागवार गुजरा और उसी रात उसके चचेरे भाई प्रदीप कुमार को हिरासत में ले लिया। पीड़ित का आरोप है कि उसके निर्दोष भाई को जो मामले की पैरवी कर रहा था, उसे ही पीटकर थानेदार ने पिता का हत्यारा बना दिया, जबकि मामले में लिप्त लोग आजाद हैं। इतना ही नही  एस.ओ संजय तोमर ने नवागत एसपी शैलेश कुमार पांडेय को भी गुमराह करने में कोई कोर कसर नही छोड़ी, और देखते ही देखते भतीजे को ही चाचा का हत्यारा बना दिया। इस खुलासे से एसओ ने भले ही खुद का पीठ थपथपाया हो मगर जनता की नजर मे कानून को शर्मसार किया है।पुलिस के खुलासे के विरूद्ध पीड़ित परिवार अदालत का दरवाजा खट-खटायेगा इस खुलासे को लेकर पुलिस के ऊपर सवालिया निशान लगा है। 

एसओ छपिया ने नवागत एसपी को दिखाने के लिए निर्दोश को भेजा जेल

जिस दिन हत्या हुई थी पीडित के परिजनों ने छपिया पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी हत्या को स्वाभाविक मौत बता रहे थे लेकिन शोसल मीडिया पर खबर चलने व परिजनों के दबाव के चलते पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद कई लोगों को कई-कई दिन थाने पर बैठाने के साथ पीडित को थाने बैठाकर दबाव डालते की तुम किसी का नाम बताओ नही तुम्ही को जेल भेज देगे आखिर किया भी वही नये एसपी को दिखाने के लिए निर्दोष को जेल भेज दिया है। 

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