Gonda Carnailganj News:सरयू पुल पर आवागमन बहाल नही हो सका जिसके चलतेभारी वाहनों को करीब 30 से 40 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करने पड़ते हैं

 

ज्ञान प्रकाश/एसपी सिंह 

करनैलगंज(गोंडा)। एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद सरयू पुल पर आवागमन बहाल नही हो सका है। जिससे भारी वाहनों को करीब 30 से 40 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करके गोंडा या लखनऊ को जाना पड़ता है। यात्रियों ने सरयू पुल के दोनों तरफ रोडवेज की बसों को लगाकर यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने की बात रखी है। क्षतिग्रस्त सरयू पुल का मरम्मत कार्य आठवें दिन भी जारी रहा। क्षतिग्रस्त सरयू पुल के अप्रोच पर पश्चिम तरफ आधे हिस्से पर ढलाई का कार्य हो चुका है। उस तरफ के सभी जोड़ को मजबूत बनाने का कार्य चल रहा रहा है। कार्य की देखरेख कर रहे अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिम तरफ के सभी जोड़ का मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद पूरब साइड के सभी जोड़ का मरम्मत कार्य कराया जायेगा।
उन्होंने बताया कि पुल में आई सम्पूर्ण खराबी को सही करने का कार्य तेजी से चल रहा है। आवागमन की समस्या को देखते हुये आधुनिक मशीनों की मदद से कम समय मे पुल का मरम्मत कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त सरयू पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल के आधे से अधिक हिस्से में 14 इंच चौड़ी दीवार बनाई गई थी। शनिवार की देर शाम काफी तेज गति पहुंची एक कार ने जोरदार ठोकर मार दिया। जिससे दीवार गिरकर ध्वस्त हो गई। सुरक्षा को ध्यान में रखकर सोमवार को पुनः विभाग द्वारा दीवार का निर्माण कराया गया है। पुल पर वाहनों का आवागमन रोंकने के लिये पुलिस बल व लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी लगाये गए हैं। जो भारी वाहनों को पुल से होकर जाने से रोकते हुए रास्ता बताने का कार्य कर रहे हैं। उधर भारी वाहनों के आवागमन पर लगी रोक बरकरार है। यात्रियों को बस से यात्रा करने के लिए 30 से 40 किलोमीटर की अधिक दूरी व अधिक किराया देना पड़ रहा है। जिन रास्तों से बसों का संचालन हो रहा है वह मार्ग भी बेहद खराब स्थिति में हैं। लोगों का मानना है कि प्रशासन को पुल के दोनों तरफ रोडवेज बसों को लगाना चाहिए। लोगों को केवल पुल को पैदल पार करके बसों की सुविधा दोनो तरफ करानी चाहिए जिससे समय व धन दोनों की बचत की जा सकती है। मगर रोडवेज या प्रशासन इस ओर ध्यान नही दे रहे हैं।

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