Lakhimpur Kheri News:किसान नेत्री व अंतरराष्ट्रीय शूटर पूनम पंडित किसानों से मिली परेशान रहा जिला प्रशासन

एन.के.मिश्रा
मोहम्मदी (लखीमपुरखीरी)। ‘‘तू डाल-डाल, तो मै पात-पात’’ वाली कहाबत को चरितार्थ करते हुए पुलिस प्रशासन को चकमा देकर किसान नेत्री, अन्तर्राष्ट्रीय शूटर हरियाणा की बेटी पूनम पण्डित मोहम्मदी के गोला रोड स्थित लकहा गुरूद्वारा  पहुंच गयी और वहां जमा सैकड़ो कृषको की भीड़ को सम्बोधित करने लगी।  पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गय। किसान नेत्री ने 26 जनवरी को भारी संख्या में अन्नदाताओ से दिल्ली पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि हमारा तो ऊपर का इस सरकार ने वारन्ट काट रखा है हम कभी भी चले जायेगे लेकिन अपना हक वापस लेकर रहेगे।
 भीड़ जुटने की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी स्वाति शुक्ला पहुंच गयी थी। जो एक कमरे में बैठ कर कुछ किसानो से कोई सभा न करने की बातचीत कर ही रही थी । अचानक किसान नेेत्री पूनम पण्डित गुरूद्वारा के पिछले दरवाजे से जा पहुंची और एक जीप के वोनट पर खड़े होकर किसानो की  भीड़ को सम्बोधित करने लगी। सब प्रणाम के साथ पूनम ने जो पहला शब्द प्रयोग किया उससे किसानो में जोश भर दिया कहा कि हम इस काले कानून को वापस कराने के लिये आप सबका साथ मांगने आये है ‘आप सब तो ठीक है हम थोड़ा परेशान है हमारा तो पासपोर्ट ऊपर का बन चुका है कभी भी चली जाऊगी। उन्होने किसानो से आवाहन किया कि वो इस काले कानून को वापस कराने के लिये, अपना हक पाने के लिये आप 26 जनवरी को दिल्ली पहुंचे और इस सरकार से अपना हक छीनने के लिये पहुंचे। उन्होने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि आपने देश के तमाम सरकारी प्रतिष्ठान बेच डाले क्यो ? और गरीबो के घरो में रोशनी करने वाला मिट्टी का तेल बन्द कर दिया, आप जान ले केन्द्र के इस काले कानून से देश की मण्डिया बन्द हो जायेगी। सब चन्द पूंजीपतियो के हाथो में पहुंच जायेगा। इस देश को बचाने के लिये आप भारी मात्रा में दिल्ली पहुंचे। गुरूद्वारे में जुटी भीड़ जिसमें हजारो किसानो के अलावा बच्चे, युवा एवं महिलाए एकत्र थी वो ये साबित करता है कि पूनम के यहां सभा करने का पूर्व से ही कार्यक्रम था। जिसे पुलिस एवं प्रशासान भाप नहीं पाया। जिले का खूफिया तंत्र पूनम की योजना के आगे फेल हो गया।
पूनम के गुरूद्वारे पहुचते ही सभा को सम्बोधित करने की जानकारी प्रशासन को हुई तो वो सख्ती में आ गया उसके हाथ पैर फूल गये। एसडीएम स्वाति शुक्ला ने उनको घेरवा लिया। जब तक पूनम अपनी बात किसानो से कह चुकी थी। उन्हे घेरे में लेकर एक कमरे में ले जाया गया और भारी सुरक्षा व्यवस्था में किसान नेत्री को जनपद सीमा पर पहुंचवाया गया। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। अपने दस से पन्द्रह मिनट के भाषण में पूनम ने अपनी सारी बाते किसानो से कह दी जिसका किसानो ने जय जवान-जय किसान के गगन भेदी नारो के साथ समर्थन करते हुए बुलन्द आवाज के साथ 26 जनवरी को किसी भी प्रकार दिल्ली पहुंचने का वादा किया। पूनम के लकहा गुरूद्वारे में किसान पंचायत को सम्बोधित करने से सिक्ख किसानो में ही नहीं स्थानीय दूसरे समुदाय के किसानो में भी जैसे जोश भर गया। शनिवार के बाद से छोटे-छोटे किसान ही नही खेतिहर मजदूर एवं मध्यवर्गी जनता भी इस किसान विरोधी कानून के विरोध में खडे दिखने लगे है।

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