Lakhimpur Kheri News:इको फ्रेंडली होलिका से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

लकड़ी की जगह गोबर के कंडों से बनाई होलिका, वातावरण शुद्धि को डाली हवन सामग्री
गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ का वैदिक होलिका दहन (नवसस्येष्ठि यज्ञ)

एन.के.मिश्रा

लखीमपुर खीरी। गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ लखीमपुर खीरी द्वारा होली का पर्व वैदिक होलिका दहन (नवसस्येष्टि यज्ञ) के रूप में मनाया गया जिसमें वर्तमान समय में वन्य संकट को ध्यान में रखते हुए होलिका में लकड़ी के स्थान पर गोबर के उपलों (कंडों) का प्रयोग किया गया।
गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के संयोजन में प्रथम बार आयोजित हुए वैदिक होलिका दहन कार्यक्रम में लखीमपुर के अतिरिक्त ईसानगर ब्लाक के नारीबेहड़ तथा रमियाबेहड़ ब्लॉक के होलागढ़ गांवों में भी गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ द्वारा इको फ्रेंडली होलिका दहन के आयोजन हुए जिसमें लकड़ी के स्थान पर उपलों की होलिका जलाकर उसमें हवन सामग्री की आहुतियाँ दी गईं। आयोजन के इस क्रम में लखीमपुर के मोहल्ला श्रीरामनगर कॉलोनी बरखेरवा में युवा प्रकोष्ठ द्वारा वैदिक होलिका दहन (नवसस्येष्टि यज्ञ) का कार्यक्रम शाम 5 बजे आयोजित हुआ जिसमें वाई डी कॉलेज के प्राचार्य डीएन मालपानी ने नृसिंह भगवान का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम का संचालन अजय वर्मा, कुलदीप वर्मा व सुरेंद्र वर्मा की टोली ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीएन मालपानी जी ने कहा – ‘युवा प्रकोष्ठ द्वारा शुरू की गई इको-फ्रेंडली होलिका दहन व्यवस्था से घटती वन्य संपदा के युग में न केवल काष्ठ संपदा की बचत होगी, पेड़ों के कटान में कमी होगी अपितु गोवंश उपलों के प्रयोग से उपलों को एक उद्योग का रूप दिया जा सकता है जिससे गांवों में लोगों को स्वावलंबन मिल सकता है । साथ ही गोवंश संरक्षण को भी इस योजना से बल मिलेगा। साथ ही हवन सामग्री के प्रयोग से वातावरण का भी परिशोधन होगा।’ कार्यक्रम के परिचय सत्र में नगर के व्यापारी और शिक्षक वर्ग के आगंतुक आपस में मिले-जुले। ‘मन में नव उल्लास भर, होली मनाना चाहिए’ होली गीत के साथ फूलों की होली भी खेली गई। इस दौरान सूर्य प्रकाश मिश्रा, डॉ अंशू, डॉ० कृष्णा कांत मिश्र, श्रवण शर्मा, रचना अग्रवाल, पंकज तपाड़िया, प्रिंस रंजन बरनवाल, शैलेश बरनवाल निखिल भल्ला, उदय सिंह सहित तमाम गायत्री परिजन व नगर के संभ्रांत नगर वासियों ने वैदिक होलिका का पूजन कर हवन सामग्री का होम किया।

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