Lakhimpur Kheri News:संस्कृत चरित्र निर्माण करती है, और चरित्र भविष्य निर्माण”संस्कृत भारती

एन.के.मिश्रा

लखीमपुर खीरी।भगवान दीन आर्यकन्या महाविद्यालय लखीमपुर में चल रहे सात दिवसीय संस्कृत भाषा बोधन वर्ग का समापन समारोह आज दिनांक 5 मार्च को आयोजित हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष संस्कृत संस्थान उत्तर प्रदेश शोभनलाल उकील की गरिमामयी उपस्थिति प्राप्त हुई। उन्होंने वर्ग के प्रशिक्षुओं की लगन की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि- श्री हरि प्रकाश त्रिपाठी (अध्यक्ष, संस्कृत भारती, लखीमपुर- खीरी) ने संस्कृत भाषा को सभी भाषाओं का मूल स्वीकारते हुए सभी को इसे सीखने के लिए शुभकामनाएं दी। समारोह की अध्यक्षा प्राचार्य डॉ सुरचना त्रिवेदी ने अतिथियों का परिचय देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज स्मपूर्ण विश्व भाषाओं में संस्कृत की श्रेष्ठता स्वीकार रहा है, अगर अभी भी हम उसके महत्व को न समझे तो कल अन्य देश उसे अपनी देश की उपज बना लेंगे। और तब हम उसे सीखने के लिए बाध्य हो जायेंगे। नगर के युवराज दत्त महाविद्यालय के प्राचार्य, डी. एन. मालपानी ने संस्कृत प्रशिक्षकों को उनके कार्य के लिए बधाई दी तथा ओंकार नारायण दुबे को आमंत्रित किया कि वे उनके महाविद्यालय में भी संस्कृत भाषा बोधन वर्ग का शिविर लगाएं। जिसे और अधिक छात्र लाभान्वित हो सके। मुख्य प्रशिक्षक तथा संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री डॉ ओंकार नारायण दुबे ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा की संस्कृत चरित्र निर्माण करती है, और चरित्र भविष्य निर्माण। इसलिए इसे विकल्प नही बल्कि पूरक की तरह स्वीकार करके स्वयं को अधिक सामर्थ्यवान बनाएं। कार्यक्रम के अतिथि हरिप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि इस समारोह में सभी को संस्कृत में वार्तालाप करते देख कर नई ऊर्जा प्राप्त हुई। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं।
विजय गुप्ता ने श्रेष्ठ और सकारात्मक कार्यक्रम के लिए संयोजकों को बधाई दी। इस वर्ग में 40 प्रशिक्षुओं ने भाग लेकर संस्कृत भाषा का अभ्यास किया। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम का संचालन छात्रा प्रियांशी ने किया
प्रशिक्षु अरुण पांडे, हर्षित जोशी, राधिका जोशी, अनामिका शर्मा, ने वर्ग से प्राप्त अनुभव साझा किए।
छात्रा दीक्षा तिवारी तथा रितु मिश्रा ने लघु नाटिका प्रस्तुत की। शैली दीक्षित ने मधुर स्वर से अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रिया जायसवाल ने संस्कृत में संख्या वाचन किया। नैंसी दीक्षित ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्कृत विभागाध्यक्ष गीता शुक्ला, हिंदी प्रवक्ता सुशीला सिंह, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष अर्चना सिंह, राजनीति शास्त्र प्रवक्ता सविता साहू, शिव कान्त मिश्र, राजकिशोर दीक्षित, भास्कर मिश्र, सूर्य प्रताप मिश्र, श्रीकांत बाजपेई, शाश्वत मिश्र अभिषेक, मधुलिका त्रिपाठी, गायत्री उकील, प्रशिक्षिका मीना कुमारी, पूजा बाजपेई, सुनीता दीक्षित, अंशू श्रीवास्तव, शिल्पी तिवारी, आदि उपस्थित रहे।

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