Gonda Colonelganj News: एकाएक बरसात व बैराजो से छोडे गये पानी के चलते सरयू एक बार फिर उफान पर,बंधे के आसपास बसे लोगों सुरक्षित जगहो पर के जाने लिए डुग्गी मुनादी

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंंज,गोण्डा । लगातार चार दिनों से धीरे धीरे घट रहा जलस्तर बुधवार को तेजी से बढ़ने लगा है। ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल में फंसती जा रही है। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा बांध को बचाने की जद्दोजहद तेज कर दी गई है। मंगलवार को विभिन्न वैराजों से करीब चार लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया।  जो बुधवार को आना शुरू हो गया है। गुरुवार को यह जलस्तर खतरे के निशान से 1 मीटर के ऊपर जाने की संभावना है। बाढ़ को देखते हुए बांध के आसपास गावों में प्रशासन ने मुनादी शुरू करा दी है। 

एसडीएम ज्ञान चंद्र गुप्ता बताते हैं कि भारी बारिश और बाढ़ के पानी को देखते हुए करनैलगंज तहसील की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती की जा चुकी है। एसडीएम ने बताया कि  ग्राम नकहरा, गौरा सिंह पुर और पाल्हापुर प्राथमिक विद्यालय को  शरण स्थल बनाया गया है और गुरुवार को पानी तेजी से बढ़ने की संभावना है। जिसके लिए बांध के आसपास गांव के गांव में  ड्डग्गी मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की  हिदायत दी जा रही है। ग्रामीणों को यह भी बताया जा रहा है कि सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे और अपने जानवरों को पेशियों को  शरण स्थल पर पहुंचा दें ।एहतियात के तौर पर बांध की निगरानी कराई जा रही है। घाघरा का जलस्तर इस वर्ष पहली बार इतनी तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

जिसमें बुधवार की सुबह 4 बजे तक घाघरा खतरे के निशान से 9 सेंटीमीटर नीचे थी। वही बैराज से छोड़े गए करीब चार लाख क्यूसेक पानी का आना जब शुरू हुआ तब सुबह 8 बजे जलस्तर खतरे के निशान से अचानक 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। उसके बाद 10 बजे तक 20 सेंटीमीटर ऊपर हो गया और वही जलस्तर दिन में 2 बजे तक 32 सेंटीमीटर और शाम 8 बजे तक नदी का जलस्तर 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से बांध और आसपास के गांव में मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है। जबकि घाघरा नदी में बुधवार को 3 लाख 76 हजार 155 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दिखाया गया है। जिसमें 2 लाख 6 हजार 553 क्यूसेक पानी गिरजा बैराज, 1 लाख 38 हजार 707 क्यूसेक पानी शारदा बैराज से और 30 हजार 896 क्यूसेक पानी सरयू बैराज से दिखाया गया है। लगातार पानी का आना जारी है। जिससे गुरुवार तक नदी इस वर्ष के सबसे अधिक ऊंचाई पर पहुंचने की संभावना हो गई है। लोग सामान्य होने लगे थे। उसी बीच तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने उनके लिए एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। 


बताया जाता है कि बैराजों से छोड़े गए पानी की आमद बुधवार को शुरू हुई है। मगर गुरुवार की सुबह तक बाढ़ का पानी तेजी से आने की संभावना है। जिससे एक बार फिर बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी घुसने लगा है और कुछ नए गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि पानी बढ़ने या घटने से बांध पर कोई दबाव या खतरा नहीं है। लगातार बांध की निगरानी की जा रही है।

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