Gonda Carnailganj News:करनैलगंज -लखनऊ मार्ग पर स्थित सरयू पुल के एप्रोच का दोनों हिस्सा क्षतिग्रस्त आवागमन बाधित रूट डायवर्ट

 

 

करनैलगंज -लखनऊ मार्ग पर स्थित सरयू पुल के एप्रोच का दोनों हिस्सा क्षतिग्रस्त आवागमन बाधित रूट डायवर्ट

1960 मे बना था पुल 60 वर्ष हो चुके है पूरे जबकि शासना आदेश में पुलो की उम्र  50 वर्ष

करनैैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज के सरयू पुल के एप्रोच का दोनों तरफ का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से गोंडा-लखनऊ राजमार्ग बन्द कर दिया गया है। मौके पर एसडीएम, पीडब्ल्यूडी व पुलिस के अधिकारी मौजूद है। वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पुल की मरम्मत कराने से हाथ खड़ा कर दिया है। तथा मरम्मत कार्य के लिए सेतु निगम को सूचना दी गई है। लखनऊ-गोंडा मार्ग पर कटरा घाट सरयू पुल के दोनों तरफ एप्रोच का हिस्सा धंस गया। जिससे वाहनों का आवागमन बाधित हो गया।

शनिवार की सुबह सरयू पुल के क्षतिग्रस्त होने की खबर से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल एसडीएम हीरालाल यादव, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के दृष्टिगत आला अधिकारियों ने वाहनों का आवागमन बन्द कराकर रुट डायवर्जन करा दिया। मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी हीरालाल यादव ने बताया लोकनिर्माण विभाग व सेतु निगम को को सूचित गया है। पुल में आई खराबी को ठीक कराने के बाद ही वाहनों का आवागमन बहाल किया जाएगा।
सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को लगाया गया है। जो वाहनों को दूसरे मार्ग से जाने की सलाह देते नजर आए। पुल से पहले नरायनपुर तिराहे से उसरा चहलार घाट होते हुए कैसरगंज से लखनऊ व बहराइच के वाहनों को भेजा जा रहा है।

वहीं कटरा शहबाजपुर, बरगदी तिराहे से भौरीगंज, परसपुर होते हुए गोंडा बलरामपुर व अयोध्या जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा है। इस पुल का निर्माण सन 1958 में शुरू हुआ था। उसके बाद 1962 में इस पुल पर आवागमन शुरू कराया गया था। करीब 60 वर्ष पूर्व बने इस पुल में कई दफा दरारें पड़ चुकी हैं। जबकि किसी भी पुल की उम्र 50 वर्ष से अधिक शासन के नियमों में शामिल नही है। पीडब्लूडी व सेतु निगम द्वारा पुल को दुरुस्त कराकर आवागमन बहाल कर दिया जाता है। वाहनों के आने-जाने पर पुल हिलता रहता है। इस बार पुल का लास्ट एबडमेन्ट पूर्व का हिस्सा ही धंस जाने से और भी खतरनाक हो गया है। इस पुल में ज्वाइन्ट पर भी दरार बढ़ गई है तथा पुल की मरम्मत के वर्षों से नही की कराई गई है। मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के एई गोपाल पत्रलेख व रामनिवास ने बताया की जब तक सेतु निगम की टीम मौके पर पहुंचकर पुल में हुए नुकसान का सही आकलन नहीं करती तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता। यह मार्ग गोंडा, बलरामपुर के लिए राजधानी से सीधे जुड़े होने के कारण यह सड़क प्रत्येक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस तरह अचानक इसके बंद होने से हजारों की संख्या में इधर से निकलने वाले वाहनों को नारायनपुर मोड़ चौराहे से वाया कैसरगंज के लिए डायवर्ट किया जा रहा है। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि अभी पुल कब तक दुरुस्त होगा यह कहा नहीं जा सकता। फिलहाल के लिए इस सड़क से यात्रा करने वालों के लिए पुल का टूटना एक गंभीर समस्या बन गया है। हालांकि इस पुल की उल्टी गिनती शुरू हो गई। तथा पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।

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