Lakhimpur- Kheri-News: धौरहरा कस्बे के दो अस्पताल सील , एसडीएम के निरीक्षण में मिलीं खामियां

एन.के.मिश्रा

धौरहरा ( लखीमपुर खीरी)। धौरहरा कस्बे के दो प्राइवेट अस्पतालों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। जिनके संचालन में अनियमितता पाए जाने पर व कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया है। उसमें भर्ती सभी मरीजों को एम्बुलेंस से भेजकर सीएचसी धौरहरा में भर्ती करवा दिया गया है ।

एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी की गई है।सही जवाब न दिए जाने पर विधिक कार्यवाही प्रस्तावित कर दी जाएगी।बुधवार को एसडीएम एस सुधाकरन , सीओ अरविंद वर्मा ने सीएचसी प्रभारी डा. सुभाष वर्मा के साथ धौरहरा कस्बे के प्राइवेट अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया । कस्बे में स्थित धौराहरा क्लीनिक जिस का संचालन डॉ राजीव जयसवाल द्वारा किया जाता है में छापेमारी के दौरान करीब 15 से 20 मरीज भर्ती पाए गए जिन को बुखार , पैरों में जलन ,  शरीर में दर्द इत्यादि की शिकायत थी।  जिन का इलाज अस्पताल के अन्य व्यक्ति कमलेश कुमार  जिन की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है  के द्वारा किया जा रहा था । निरीक्षण के समय कमलेश द्वारा बताया गया कि डॉ राजीव जायसवाल अपना इलाज कराने लखनऊ गए हुए हैं । बीते 4 दिनों से वह लखनऊ में ही है  । भर्ती सभी  मरीजों द्वारा बताया गया कि कमलेश कुमार के द्वारा ही उन लोगों को दवाई दी जा रही है । उनको दवाइयां लिखी गई हैं । क्लीनिक के ऊपर ना तो कोई बोर्ड लगा था साथ ही बायोमेडिकल का भी सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा था  कई जगह गंदगी पाई गई  कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं किया जा रहा था।कस्बे के ही तहसील तिराहे पर स्थित फातिमा क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया । जिसका संचालन डॉ. जीशान खान के द्वारा किया जाता है छापेमारी के दौरान अस्पताल संचालक द्वारा अपने अस्पताल को बंद कर दिया गया । जिसको खुलवाया गया मौके पर मौजूद एक व्यक्ति लईक द्वारा बताया गया कि डॉ.  नहीं वह बाहर गए हैं। जांच टीम द्वारा क्लीनिक के दूसरे मंजिल पर बने कमरों की तलाशी ली गई तो डॉक्टर जीशान अपनी पत्नी सहित वहां पर मौजूद मिले । डॉक्टर जीशान का रजिस्ट्रेशन मई 2020 तक ही वैध था । लाइसेंस अवैध होने के उपरांत भी  मरीजों का इलाज किया जा रहा था। बुधवार को भी क्लीनिक में डॉक्टर जीशान के द्वारा 30 मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर इलाज किया गया साथ ही अस्पताल में करीब 16 बेड भी मौके पर मौजूद पाए गए बायोमेडिकल का भी सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। अस्पताल में गन्दगी होने के साथ ही कोविड -19 के प्रोटोकाल का पालन नहीं किया जा रहा था ।

क्लीनिक संचालकों के द्वारा क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन इत्यादि के संबंध में कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके ।जिसे एसडीएम ने चिकित्सीय मानकों की अनदेखी व अनियमितता मानते हुए दोनों अस्पतालों को सील कर  कारण बताओ नोटिस जारी की गई है ।क्लीनिक के संचालकों द्वारा कोरोना काल में भी प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं किया जा रहा था ।

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