आईटी Gonda Mankapur News:आई लिमिटेड मनकापुर परिसर में संचालित डीएवी इंटर कालेज के शिक्षकों को 63 माह से वेतन नही

पैसे के अभाव में इलाज न हो पाने के चलते दो शिक्षको की मौत

बी.के.ओझा
मनकापुर ,गोण्डा। शुक्रवार आईटीआई लिमिटेड संचार विहार मनकापुर परिसर में डीएवी इंटर कॉलेज के शिक्षकों को विगत 63 माह से वेतन न मिलने के कारण डीएवी इंटर कॉलेज के शिक्षक कर्मचारी का जीवन खतरे में है ।न उनके पास दवा कराने का पैसा है और न पेट भरने के पैसे इलाज न होने से दो शिक्षकों की मौत हो गई इस विकट समस्या पर आईटीआई प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।


डीएवी इंटर कॉलेज आईटीआई संचार विहार मनकापुर गोंडा के अस्थाई शिक्षक एवं कर्मचारी हैं यह विद्यालय सन् 1986 से आईटीआई परिसर में स्थित है। यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट तक मान्यता प्राप्त जनपद श्रेणी A का विद्यालय है जो आईटीआई लिमिटेड भारत सरकार का उपक्रम प्रबंधन द्वारा संचालित वित्तपोषित है सन् 1986 में विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी के वेतन सहित हर प्रकार का सुविधा आईटीआई प्रबंधन द्वारा वाहन किया जाता था लेकिन अप्रैल 2016 से एक पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया गया की आर्थिक समस्या होने से आईटीआई प्रबंधन विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन सहित अन्य खर्चा देने में असमर्थ है। जिससे आज 63 माह से वेतन न मिलने के कारण एक एक कर डीएवी इंटर कॉलेज के शिक्षक भुखमरी एवं दवा के अभाव में मर रहे हैं कर्मचारियों को मजबूर होकर माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी जिसका वाद संख्या 28 31/ एसएस /2016 जो माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है और जो आईटीआई प्रबंधन द्वारा वकील को चयनित किया गया है वकील जानबूझकर न्यायालय में नहीं पहुंचता है।

कोई ना कोई ना बहाना बता देता है समस्या इतनी विकट होती जा रही है बढ़ते कोविड-19 महामारी के कारण न्यायालय से न्याय मिलने में विलंब हो रहा है जिसके परिणाम स्वरूप सभी शिक्षक व कर्मचारी भुखमरी से गुजर रहे हैं। विद्यालय के प्रबंधक कौशल कुमार श्रीवास्तव का कोविड 19 के कारण लखनऊ अस्पताल में मौत हो गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहन प्रसाद का इलाज न करा पाने से हार्ड अटैक से दिवंगत हो गए । कई कर्मचारी बीमारी से जूझ रहे हैं जिनके पास इलाज कराने का पैसा नहीं है ।

मोहर प्रसाद के पत्नी का कहना है कि साहब अगर इलाज के पैसे होते तो मेरे पति ज़िन्दा होते डॉक्टर ने कहा था कि तीन लाख‌ रुपया हार्ट का ऑपरेशन तथा दवा में होगा हमारे प्रति बच जाएंगे लेकिन हमें स्कूल से पैसा नहीं मिला और हमारे पति नहीं रहे अब खाने को वाले पड़े हैं। आईटीआई शिक्षकों के सामने विकट समस्या खड़ी हो गई है डीएवी के क्षिक्षक को वेतन ना मिलने से उनको दवा और खाना नहीं ‌मिल रहा है।

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